आरबीएसई:नई शिक्षा नीति के अनुरूप प्रश्नपत्र निर्माण पर पांच दिवसीय कार्यशाला शुरू

RBSE: Five-day workshop on question paper preparation in accordance with the new education policy begins

'परख टैक्सोनॉमी' आधारित मूल्यांकन प्रणाली पर विशेषज्ञों ने दिया प्रशिक्षण, दक्षता आधारित प्रश्न निर्माण पर रहेगा विशेष फोकस

अजमेर, 7 जुलाई(हि.स.)। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप विद्यालयी शिक्षा में दक्षता आधारित एवं छात्र-केंद्रित मूल्यांकन प्रणाली को सशक्त बनाने की दिशा में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राजस्थान ने महत्वपूर्ण पहल करते हुए 'परख टैक्सोनॉमी' आधारित प्रश्नपत्र निर्माण विषयक पांच दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया। कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों को ऐसे प्रश्नपत्र तैयार करने के लिए प्रशिक्षित करना है, जिनमें विद्यार्थियों के ज्ञान, समझ, अनुप्रयोग, विश्लेषण और मूल्यांकन क्षमता का समग्र आकलन किया जा सके।

कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि एवं बोर्ड सचिव नीतू यादव ने किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का लक्ष्य 21वीं सदी की आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था को अधिक लचीला, समग्र, कौशल-आधारित एवं रोजगारोन्मुख बनाना है। भारत को वैश्विक ज्ञान महाशक्ति बनाने की दिशा में प्रश्नपत्रों का स्वरूप भी बदलना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से 'परख टैक्सोनॉमी' आधारित प्रश्नपत्र निर्माण की प्रक्रिया को बढ़ावा दिया जा रहा है।

कार्यशाला की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए निदेशक (शैक्षिक) उषा कच्छावा ने आगामी पांच दिनों में आयोजित होने वाले तकनीकी एवं व्यावहारिक सत्रों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों को आधुनिक मूल्यांकन प्रणाली की अवधारणाओं से परिचित कराया जाएगा।

प्रधानाचार्य डॉ. राकेश कटारा ने अपने व्याख्यान में शिक्षा नीति-1986, राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा-2005 तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 एवं 2023 के क्रमिक विकास पर प्रकाश डालते हुए वर्तमान समय में शिक्षा सुधारों की आवश्यकता और उनकी प्रासंगिकता रेखांकित की।

जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) दर्शना शर्मा ने दक्षता आधारित मूल्यांकन की अवधारणा स्पष्ट करते हुए प्रश्नपत्र निर्माण के चार प्रमुख आधार—वैधता, विश्वसनीयता, निष्पक्षता और व्यवहार्यता—पर विस्तार से चर्चा की तथा प्रभावी मूल्यांकन की दिशा में शिक्षकों का मार्गदर्शन किया।

तकनीकी सत्र में विशेषज्ञ डॉ. मनोज उपाध्याय एवं योगेश कुमार मिश्र ने बहुविकल्पीय प्रश्नों के वैज्ञानिक, सटीक एवं त्रुटिरहित निर्माण की तकनीकों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। प्रतिभागियों को निर्धारित प्रारूप के अनुरूप प्रश्न तैयार कराने का अभ्यास भी कराया गया।

कार्यशाला के प्रथम दिवस राष्ट्रीय शिक्षा नीति, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों एवं मूल्यांकन के सिद्धांतों पर गहन विमर्श हुआ। हिन्दी, अंग्रेजी एवं संस्कृत विषयों के लगभग 58 प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण में भाग लिया। कार्यक्रम में वरिष्ठ सहायक निदेशक प्रवीण शर्मा, सहायक निदेशक सुशीला गोकलानी तथा जनसंपर्क अधिकारी राजीव चतुर्वेदी सहित अनेक अधिकारी एवं शिक्षाविद उपस्थित रहे।

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