गर्मी-उमस में बढ़ा चिकन पॉक्स का खतरा, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी
- DSS Admin
- Jun 27, 2026
किशनगंज, 27 जून (हि.स.)। जिले में लगातार पड़ रही गर्मी और उमस के बीच स्वास्थ्य विभाग ने चिकन पॉक्स (चेचक) के बढ़ते संक्रमण को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
शनिवार को सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने कहा कि मौजूदा मौसम संक्रामक बीमारियों के फैलने के लिए अनुकूल है। ऐसे में बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।उन्होंने लोगों से बीमारी के लक्षण दिखने पर लापरवाही नहीं करने और तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेने की अपील की है। सिविल सर्जन ने बताया कि चिकन पॉक्स वेरिसेला वायरस से होने वाली अत्यंत संक्रामक बीमारी है, जो संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने अथवा सीधे संपर्क में आने से तेजी से फैलती है।
इसकी शुरुआत चेहरे और छाती पर लाल दानों से होती है, जो धीरे-धीरे पूरे शरीर में फैलकर तरल पदार्थ से भरे फफोलों का रूप ले लेते हैं। बाद में ये सूखकर पपड़ी बन जाते हैं। जब तक सभी दाने पूरी तरह सूख नहीं जाते, तब तक संक्रमित व्यक्ति दूसरों में संक्रमण फैला सकता है। बुखार, शरीर दर्द, गले में खराश, खुजली, थकान, भूख कम लगना और बच्चों में चिड़चिड़ापन इसके प्रमुख लक्षण हैं। जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. देवेंद्र कुमार ने बताया कि बच्चों में संक्रमण का खतरा अधिक रहता है, हालांकि यह किसी भी उम्र के व्यक्ति को प्रभावित कर सकता है। उन्होंने सलाह दी कि संक्रमित व्यक्ति को कम-से-कम छह दिनों तक आइसोलेशन में रखा जाए तथा इस दौरान स्कूल, कार्यालय और भीड़भाड़ वाले स्थानों से दूर रखा जाए। उन्होंने बताया कि जिले के सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों को आवश्यक दवाओं और उपचार व्यवस्था के लिए अलर्ट रहने का निर्देश दिया गया है।
सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. अनवर हुसैन ने कहा कि शुरुआती लक्षण दिखाई देते ही डॉक्टर से संपर्क करना सबसे जरूरी है। नवजात शिशुओं, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। वहीं डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं की भी सहायता ली जा सकती है।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से नियमित हाथ धोने, व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने, संक्रमित व्यक्ति के संपर्क से बचने, कपड़े एवं बिस्तर साफ रखने तथा चिकित्सकीय सलाह के अनुसार टीकाकरण कराने की अपील की है। विभाग का कहना है कि समय पर पहचान, आइसोलेशन और उचित उपचार से संक्रमण की श्रृंखला को प्रभावी ढंग से रोका जा सकता है।

