मॉडल संकुल संघ के लेखाकार और एमआईएस सहायक का दस दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न, प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र किये गये वितरित
- DSS Admin
- Jun 27, 2026
एसआईआरडी में विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों ने दिया प्रशिक्षण
लखनऊ, 27 जून (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व व निर्देशन में दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान, बख्शी का तालाब में सरकारी, अर्धसरकारी विभागों, संस्थाओं के अधिकारियों व कर्मचारियों तथा रचनात्मक कार्यों से जुड़े लोगों को प्रशिक्षण देकर उन्हें अत्यधिक दक्ष और सक्षम बनाने का कार्य निरंतर किया जा रहा है। इसी कड़ी में दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान, बख्शी का तालाब, लखनऊ में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत मॉडल संकुल संघ के लेखाकार एवं एमआईएस सहायक का 10 दिवसीय आवासीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण शनिवार को संपन्न हुआ। प्रशिक्षण का आयोजन 18 से 27 जून तक आयोजित किया गया।
यह प्रशिक्षण उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की मिशन निदेशक दीपा रंजन के आदेश पर आयोजित किया गया। संयुक्त मिशन निदेशक प्रवीणानंद ने बताया कि “मॉडल संकुल संघ ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य लेखाकारों और एमआईएस सहायकों को वित्तीय प्रबंधन, लेखांकन प्रणाली और डेटा प्रबंधन में दक्ष बनाना था, ताकि संकुल स्तरीय संघ पारदर्शिता और व्यावसायिकता के साथ कार्य कर सकें। विश्वास व्यक्त किया कि प्रशिक्षित प्रतिभागी अब समूहों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे और मिशन के 'गरीबी मुक्त गाँव' के लक्ष्य को गति देंगे।”
डॉ. नन्दकिशोर साह, मिशन प्रबंधक प्रभारी ने बताया कि प्रशिक्षण में गरीबी के विभिन्न आयामों पर समझ विकसित की गई। ‘समूह क्या है, समूह की आवश्यकता क्यों है’ और ‘प्रभावी समूह के गुण’ जैसे विषयों पर खुले सत्र के माध्यम से चर्चा की गई। विजन और मिशन पर चर्चा करते हुए सहभागी विधि से संकुल स्तरीय संघ के सामुदायिक ढांचे को समझाया गया। संगठन और उनके प्रकार पर प्रस्तुति एवं चर्चा के माध्यम से समझ विकसित की गई।
प्रशिक्षण में संकुल स्तरीय संघ के तीन स्तंभों- सदस्यता, शासन और परिचालन की भूमिका तथा जिम्मेदारियों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। मॉडल संकुल स्तरीय संघ के कार्य निष्पादन सूचकांक, दृष्टि पत्र, महत्वपूर्ण हितधारकों की भूमिका, वित्तीय प्रणाली, लेखांकन चक्र, दोहरी लेखा प्रणाली के सिद्धांत, रसीद-वाउचर, खाता बही प्रविष्टि, प्राप्ति-भुगतान पत्रक, आय-व्यय विवरण, आर्थिक चिट्ठा, वित्तीय प्रबंधन, ऋण प्रबंधन, वित्तीय कार्य निष्पादन सूचकांक, बचत, ऋण, बीमा आदि वित्तीय उत्पादों के महत्व पर गहन अभ्यास कराया गया। आंकड़ों एवं सूचनाओं के महत्व को समझाते हुए प्रतिभागियों से संकुल स्तरीय संघ के लिए योजना प्रपत्र भी भरवाए गए।
डॉ सीमा राठौर, प्रशिक्षण प्रसार अधिकारी, डॉ नन्दकिशोर साह रिसोर्स पर्सन ने संयुक्त रूप से प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र विस्तृत किया। प्रशिक्षण में मुख्य रूप से जनपद गाजीपुर, कन्नौज, बिजनौर, शामली के प्रतिभागी शामिल हुए। समापन सत्र में राज्य संसाधन व्यक्ति बैजनाथ राम, जिला संसाधन व्यक्ति अमित कुमार सिंह तोमर, मेघा वर्मा, सोनिया, देवेंद्र मिश्रा, कुमारी विमलेश, राजेंद्र सिंह, सूरज सिंह सहित अन्य प्रशिक्षक एवं अधिकारी मौजूद रहे। प्रशिक्षण के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
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