फर्जी गैस डिस्कनेक्शन मैसेज भेजकर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, चार गिरफ्तार
- DSS Admin
- Jun 26, 2026
नई दिल्ली, 26 जून (हि.स.)। दक्षिण-पश्चिम जिले की साइबर थाना पुलिस ने फर्जी गैस कनेक्शन डिस्कनेक्शन का संदेश भेजकर लोगों से साइबर ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में झारखंड और पश्चिम बंगाल से चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 20 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, एक टैबलेट, सोने-चांदी के आभूषण, 61,900 रुपये नकद और ठगी की रकम से खरीदी गई एक टाटा हैरियर कार बरामद की गई है। पकड़े गए आरोपितों की पहचान साहिल, रहीम, मोहसिन और दिलशाद के रूप में हुई है।
दक्षिण पश्चिम जिले के पुलिस उपायुक्त अमित गाेयल ने शुक्रवार काे बताया कि मामला ई-एफआईआर संख्या 53/25 के तहत दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता महिला को एक संदेश मिला था, जिसमें कहा गया था कि उसका आईजीएल गैस कनेक्शन बंद होने वाला है। मदद के लिए दिए गए नंबर पर संपर्क करने पर ठगों ने व्हाट्सएप के जरिए एक एपीके फाइल भेजी। महिला द्वारा फाइल इंस्टॉल करते ही साइबर अपराधियों ने उसके मोबाइल का एक्सेस हासिल कर बैंक खाते और क्रेडिट कार्ड से करीब 2.64 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर ली।
ऐसे करते थे ठगी
जांच में सामने आया कि ठगी की रकम को तुरंत ऑनलाइन महंगे मोबाइल फोन, गिफ्ट कार्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदने में खर्च किया जाता था, ताकि रकम का स्रोत छिपाया जा सके। बाद में इन सामानों को बेचकर नकदी में बदला जाता था। पुलिस उपायुक्त अमित गोयल के अनुसार, जांच के दौरान पुलिस ने पीड़िता के क्रेडिट कार्ड से खरीदे गए दो मोबाइल फोन के आईएमईआई नंबर, डिलीवरी एड्रेस और मोबाइल नंबरों का विश्लेषण किया। जांच में पता चला कि सामान शाहीन बाग के एक फर्जी पते पर मंगाया गया था।
तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने शाहीन बाग की एक दुकान में काम करने वाले एक सेल्समैन को पकड़ा। पूछताछ में उसने बताया कि वह साइबर अपराधियों के कहने पर पार्सल प्राप्त कर उन्हें कोलकाता भेजता था और इसके बदले कमीशन लेता था। उसके पास से ऑनलाइन मंगाए गए सोने के सिक्के भी बरामद किए गए।
आगे की जांच में पुलिस ने कोलकाता के खिदिरपुर हब से पार्सल लेने पहुंचे एमडी साहिल को गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद एमडी रहीम का नाम सामने आया, जो ठगी से खरीदे गए मोबाइल फोन सस्ते दामों में खरीदकर अवैध माध्यमों और विदेश स्थित नेटवर्क के जरिए बेचता था। इसके बाद जांच झारखंड के देवघर पहुंची, जहां से एमडी मोहसिन और एमडी दिलशाद को गिरफ्तार किया गया। दोनों ठगी से खरीदे गए इलेक्ट्रॉनिक सामान को ठिकाने लगाने और गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ विभिन्न मोबाइल नंबरों के जरिए समन्वय करने का काम करते थे।
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