नई दिल्ली, 01 जून (हि.स)। केंद्र सरकार ने सोमवार को कहा कि देश में पेट्रोल एवं डीजल का पर्याप्त भंडार मौजूद है। पश्चिम एशिया संकट के बावजूद हम कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस और लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) की आपूर्ति को बनाए रखने में सफल रहे हैं।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने अंतर-मंत्रालयी पत्रकार वार्ता में दावा करते हुए कहा कि हमारे पास पूरे देश में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार मौजूद है। हालांकि कुछ जगहों से ऐसी रिपोर्ट सामने आई हैं जिनमें पेट्रोल एवं डीजल की बिक्री असामान्य रूप से ज्यादा रही है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन दिनों में एलपीजी से संबंधित 10 एफआईआर दर्ज की गई हैं, जबकि तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
शर्मा ने बताया कि राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से निगरानी और प्रवर्तन तंत्र को मजबूत करने का अनुरोध किया गया है। तेल एवं गैस विपणन कंपनियों ने भी 460 एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरशिप पर अचानक निरीक्षण किए हैं, जिसके परिणामस्वरूप 42 एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरों पर जुर्माना लगाया गया है।
शर्मा ने कहा कि मार्च से अब तक लगभग 8,56,000 पीएनजी कनेक्शनों को गैस से जोड़ा गया है, 2,96,000 कनेक्शन के लिए अतिरिक्त बुनियादी ढांचा तैयार किया गया है और 8,78,000 नए ग्राहक पंजीकृत किए गए हैं।
रसायन और उर्वरक मंत्रालय के तहत उर्वरक विभाग की अतिरिक्त सचिव अपर्णा एस. शर्मा ने बताया कि खरीफ सीजन के लिए उर्वरक का स्टॉक अभी 51 फीसदी पर बनाए रखा गया है, जो कि सामान्य स्तर 33 फीसदी से काफी ज्यादा है। इससे पता चलता है कि सरकार ने पहले से ही स्टॉक जमा करने और लॉजिस्टिक्स का सही तरीके से प्रबंधन किया है। घरेलू उर्वरक उत्पादन लगभग 104.81 लाख एमटी रहा है और लगभग 27.62 लाख एमटी आयात हमारे यहां पहुंच चुका है।
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