पिंजरापोल गौशाला प्रकरण में उबाल: सनातन सेना ने किया जयपुर पुलिस कमिश्नरेट का घेराव की घोषणा

जयपुर, 05 जुलाई (हि.स.)। सांगानेर स्थित पिंजरापोल गौशाला में करंट लगने से चार गोवंशों की मौत का मामला अब गरमाता जा रहा है। घटना को लेकर पूरे प्रदेश के गौभक्तों और सामाजिक संगठनों में भारी आक्रोश व्याप्त है। इस मामले में अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के विरोध में 'सनातन सेना' ने सोमवार को जयपुर पुलिस कमिश्नरेट के घेराव की घोषणा की है।

सनातन सेना के प्रमुख अशोक पाठक ने बताया कि आंदोलन के दौरान सत्संग भवन बना गौमाता का हत्यारा का मुख्य नारा बुलंद किया जाएगा। संगठन की मांग है कि सत्संग भवन के निर्माण, वहां की विद्युत व्यवस्था, आवश्यक स्वीकृतियों तथा सुरक्षा मानकों के पालन की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की जाए, ताकि घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सके। पुलिस और प्रशासन को विस्तृत परिवाद सौंपकर 'भारतीय न्याय संहिता, 2023' के तहत प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की गई है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, करंट की चपेट में कई गौवंश आए थे, जिनमें से चार की मृत्यु हो गई। आंदोलनकारी मांग कर रहे हैं कि पूरे घटनाक्रम की वैज्ञानिक एवं फॉरेंसिक जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही पूर्व में सामने आई वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताओं की भी एकीकृत जांच हो।

वहीं पिंजरापोल गौशाला प्रकरण में तुरंत प्राथमिकी दर्ज की जाए। पूरे मामले की जांच किसी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी या विशेष जांच दल (एसआईटी) को सौंपी जाए। गौशाला के वित्तीय अभिलेख, बैंक खाते, अनुदान रिकॉर्ड, गौ-गणना, सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित कर जांच हो। सत्संग भवन के निर्माण, बिजली फिटिंग और संबंधित अनुमतियों की गहन जांच कराई जाए। गौशाला के जल, चारे और दूध के नमूनों की अधिकृत प्रयोगशाला से जांच हो। गौशाला समिति के पदाधिकारियों सहित गोपालन विभाग के निदेशक, संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की जांच की जाए। लापरवाही मिलने पर उनके विरुद्ध भी कानूनी कार्रवाई हो।

सोमवार को अशोक पाठक के नेतृत्व में 100 से अधिक कार्यकर्ता जयपुर पुलिस कमिश्नरेट पहुंचकर पुलिस आयुक्त को विस्तृत ज्ञापन सौंपेंगे। इस आंदोलन को व्यापक रूप देने के लिए गौ रक्षा दल, गौ सेवा संगठनों, संत समाज और विभिन्न सामाजिक संगठनों से बड़ी संख्या में जुटने की अपील की गई है। सनातन सेना प्रमुख ने चेतावनी दी है कि यदि इस प्रकरण में शीघ्र ही कोई प्रभावी और ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो इस आंदोलन को पूरे राजस्थान में उग्र रूप से विस्तारित किया जाएगा। उन्होंने सभी से लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया है।

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