भारत में बनेगा दूसरा राष्ट्रीय जीन बैंक : भागीरथ चौधरी

शिमला, 31 मार्च (हि.स.)। भविष्य की खाद्य और पोषण सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने देश में दूसरा राष्ट्रीय जीन बैंक स्थापित करने की घोषणा की है। यह पहल 2025-26 के केंद्रीय बजट के तहत नवोन्मेष में निवेश थीम के अंतर्गत की गई है।

राज्यसभा सांसद डॉ. सिकंदर कुमार के एक प्रश्न के उत्तर में कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने संसद में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नए राष्ट्रीय जीन बैंक में 10 लाख फसल जननद्रव्य के संरक्षण की क्षमता होगी। यह कदम भारत की वैश्विक जैव-विविधता संरक्षण में अग्रणी भूमिका को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में राष्ट्रीय पादप आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो (एनबीपीजीआर) नई दिल्ली में स्थित राष्ट्रीय जीन बैंक (एनजीबी) दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा जीन बैंक है। इसमें 2,157 प्रजातियों की 4,71,561 प्रविष्टियां संरक्षित हैं। इस बैंक में संकलित पादप आनुवंशिक संसाधनों का उपयोग देश में फसल सुधार और कृषि अनुसंधान के लिए सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की विभिन्न एजेंसियों द्वारा किया जाता है।

इससे पहले डॉक्टर सिकंदर कुमार सांसद राज्यसभा ने सदन में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री से पूछा कि क्या सरकार ने भारत की कृषि संबंधी जैव विविधता की सुरक्षा के लिए वर्ष 2025-26 के बजट में दूसरे राष्ट्रीय जीन बैंक के स्थापना की घोषणा की है ? क्या जीन बैंक की स्थापना से वैश्विक जैव विविधता संरक्षण में भारत की स्थिति एक अग्रणी राष्ट्र के रूप में सुदृढ़ होगी और देशभर में आनुवंशिक संसाधन प्रबंधन में सम्मिलित सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों को समर्थन देने के लिए भारत के अमूल्य पादप आनुवंशिक संसाधनों की सुरक्षा हेतु क्या पहलें की गई है ?

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

   

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