शम्स इकबाल की गिरफ्तारी के बाद फिर चर्चा में आया विवादित जीवन

कोलकाता, 29 जून (हि. स.)। कोलकाता नगर निगम के पूर्व पार्षद शम्स इकबाल को कथित तौर पर रंगदारी (तोलाबाजी) के आरोप में गिरफ्तार किया गया, लेकिन गिरफ्तारी के महज छह घंटे के भीतर उन्हें एक हजार रुपये के बॉन्ड पर जमानत मिल गई। गिरफ्तारी के बाद शम्स इकबाल का विवादों और चर्चाओं से भरा राजनीतिक व निजी जीवन एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।

शम्स इकबाल नगर निगम के 134 नंबर वार्ड के पार्षद रह चुके हैं। उन्हें राज्य के वरिष्ठ नेता और पूर्व मेयर फिरहाद हाकिम का बेहद करीबी माना जाता रहा है। सोशल मीडिया पर फिरहाद हाकिम और उनके परिवार के साथ शम्स की कई तस्वीरें सामने आई हैं। एक समय करोड़ों रुपये की लग्जरी कार लेकर नगर निगम मुख्यालय पहुंचने के कारण भी वह चर्चा में आए थे।

वर्ष 2024 में गार्डेनरीच इलाके में अवैध रूप से निर्मित एक बहुमंजिली इमारत ढहने से 13 लोगों की मौत हुई थी। आरोप लगा था कि जिस वार्ड में यह इमारत बनी थी, वह शम्स इकबाल के अधिकार क्षेत्र में आता था। इस मामले में अवैध निर्माण से जुड़े प्रमोटर वसीम के साथ उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं। आरोप यह भी लगा था कि उस समय उन्हें राजनीतिक संरक्षण मिला। हाल ही में तारातला इलाके में निर्माणाधीन गोदाम ढहने की घटना में भी उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है।

गार्डेनरीच हादसे के बाद तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया पर शम्स इकबाल के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि शम्स अवैध निर्माण के बड़े नेटवर्क से जुड़े हैं और आलीशान जीवनशैली इसी कथित अवैध कमाई का परिणाम है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि शम्स ने पांच करोड़ रुपये से अधिक कीमत की बेंटली कार खरीदी थी और सवाल उठाया था कि एक सामान्य पार्षद के पास इतनी संपत्ति कहां से आई। बाद में राजनीतिक परिस्थितियां बदलने के बाद शम्स का शुभेंदु अधिकारी के पैर छूते हुए एक वीडियो भी वायरल हुआ था, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी।

शम्स इकबाल का नाम मनोरंजन जगत की कई चर्चित हस्तियों के साथ तस्वीरों के कारण भी चर्चा में रहा है। सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें प्रसेनजीत चटर्जी, तमन्ना भाटिया और मिमी चक्रवर्ती समेत कई कलाकारों के साथ देखी गई हैं।

शम्स के पिता मुन्ना इकबाल भी इलाके के प्रभावशाली नेता और पार्षद रह चुके हैं। उन पर पहले भी कई आपराधिक मामलों में नाम आने के आरोप लगे थे। शम्स इकबाल पर भी बंदर क्षेत्र में जबरन जमीन कब्जाने, अवैध निर्माण और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों से जुड़े कई आरोप लग चुके हैं। लगभग 10 वर्ष पहले एक जमीन को जबरन अपने नाम करवाने के मामले में भी उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी। फिलहाल उनकी गिरफ्तारी के बाद पुराने विवाद एक बार फिर राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गए हैं।

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