ईडी का दावा : सोना पप्पू के कहने पर होती थी थाना प्रभारियों की नियुक्ति, चार्जशीट में कई खुलासे

कोलकाता, 19 जून (हि. स.)। जमीन कब्जा मामले की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कुख्यात अपराधी सोना पप्पू के करीबी कारोबारी जय कामदार को लेकर बड़ा दावा किया है। एजेंसी ने आरोप लगाया है कि जय कामदार के पुलिस, प्रशासनिक अधिकारियों और राजनीतिक हलकों के कुछ प्रभावशाली लोगों के साथ घनिष्ठ संबंध थे। सोना पप्पू पुलिस नियुक्तियों को भी नियंत्रित करता था और उसी के कहने पर उसके पसंदीदा इलाकों में थाना प्रभारियों की नियुक्ति होती थी। चूंकि वह तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी का बेहद खास था। इसलिए कई इलाकों से होने वाली वसूली का एक बड़ा हिस्सा भी पार्टी और अभिषेक बनर्जी तक पहुंचाया जाता था। ईडी ने नगर सत्र न्यायालय में दाखिल 77 पृष्ठों की चार्जशीट में दावा किया है कि जय ने भ्रष्ट तरीकों से लगभग 48 करोड़ रुपये का गबन किया।

ईडी के अनुसार, जय कामदार के राज्य के कई थाना क्षेत्रों के पुलिस अधिकारियों के साथ करीबी संबंध थे। जांच एजेंसी का दावा है कि उन्होंने ऐसी छवि बना रखी थी कि वह पुलिस अधिकारियों की पदोन्नति, तबादले और यहां तक कि मामलों की दिशा भी प्रभावित कर सकते हैं। चार्जशीट में उल्लेख है कि कुछ पुलिस अधिकारी उन्हें लॉर्ड, माई लॉर्ड और बॉस जैसे संबोधनों से पुकारते थे।

ईडी ने जय कामदार को 19 अप्रैल को गिरफ्तार किया था। इसके बाद जमीन कब्जा मामले की जांच के दौरान विभिन्न स्थानों पर छापेमारी में सोना-चांदी, मोबाइल फोन, डिजिटल दस्तावेज और करोड़ों रुपये नकद बरामद किए गए। जांच के दौरान मोबाइल चैट की पड़ताल में ईडी को एक पुलिस अधिकारी और जय कामदार के बीच बातचीत के प्रमाण भी मिले।

चार्जशीट के अनुसार, एक पुलिस अधिकारी ने थाना प्रभारी बनने के बाद जय कामदार को संदेश भेजकर धन्यवाद दिया था। संदेश में लिखा गया था कि उनके प्यार, आशीर्वाद और स्नेह से उन्हें थाना प्रभारी का पद मिला। ईडी सूत्रों के मुताबिक, वर्ष 2022 में निरीक्षक बनने के बाद भी संबंधित अधिकारी को काफी समय तक थाना प्रभारी नहीं बनाया गया था। इसी दौरान एक सहकर्मी के माध्यम से उनकी पहचान जय कामदार से हुई और पद प्राप्ति की उम्मीद में दोनों के बीच संपर्क बढ़ा। अधिकारी जय के घर आयोजित काली पूजा में भी शामिल हुए थे।

जांच एजेंसी का दावा है कि जय कामदार के घर आयोजित काली पूजा में पुलिसकर्मी, वरिष्ठ अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी और कुछ राजनीतिक हस्तियां भी आती थीं। ईडी को यह भी जानकारी मिली है कि दीपावली के अवसर पर जय कामदार लोगों को चांदी की सिल्लियां उपहार स्वरूप देते थे। संबंधित पुलिस अधिकारी को भी 100 ग्राम की चांदी की सिल्ली दी गई थी, हालांकि अधिकारी ने दावा किया है कि उन्होंने वह उपहार लौटा दिया था।

चार्जशीट में दो कारोबारियों के बयान का भी उल्लेख किया गया है, जिन्होंने जय कामदार पर पुलिस प्रभाव का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। एक कारोबारी, जिनकी बजबज क्षेत्र में फ्लाई ऐश ईंट निर्माण इकाई है, ने आरोप लगाया कि जय ने उन्हें झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी थी। कारोबारी ने जय के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। बाद में जय ने उसी कारोबारी के खिलाफ भी शिकायत दर्ज कराई।

एक अन्य कारोबारी ने भी इसी तरह के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उन्होंने बेहाला क्षेत्र के एक थाने में जय के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस ने कोई कदम नहीं उठाया। कारोबारी का आरोप है कि पुलिस अधिकारियों के साथ जय के अच्छे संबंधों के कारण जांच प्रभावित हुई। बाद में जय ने उनके खिलाफ भी प्रतिवाद शिकायत दर्ज कराई।

ईडी के अनुसार, पूछताछ के दौरान जय कामदार ने सभी आरोपों से इनकार किया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों के साथ विशेष प्रभाव या अनुचित संबंध होने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वे केवल परिचित थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ पुलिस अधिकारियों और उनके बच्चों का एक ही विद्यालय से संबंध होने के कारण आपसी पहचान थी।

जांच एजेंसी का कहना है कि जय कामदार के मोबाइल फोन से पुलिस संबंधी दस्तावेज, कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के संपर्क विवरण और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। इन तथ्यों के आधार पर ईडी का मानना है कि पुलिस तंत्र के कुछ हिस्सों पर उनका प्रभाव था।

उल्लेखनीय है कि जमीन कब्जा मामले में कथित रूप से शामिल सोना पाप्पू उर्फ विश्वजीत पोद्दार के यहां ईडी की छापेमारी के बाद जय कामदार का नाम सामने आया था। सोना पाप्पू पर लोगों को डराकर कम कीमत पर जमीन और संपत्ति हड़पने के आरोप हैं। ईडी ने अदालत में दावा किया है कि इस पूरे मामले में तीन लोगों का एक प्रभावशाली गिरोह सक्रिय था। इसी मामले में जय कामदार तथा कोलकाता पुलिस के पूर्व उपायुक्त शांतनु सिंह विश्वास को भी गिरफ्तार किया गया था।

   

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