भारत की खेल शिक्षा को नई दिशा देगा ‘सेतु 2026’, एलएनआईपीई ग्वालियर में होगा राष्ट्रीय मंथन
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- Jan 21, 2026
नई दिल्ली, 21 जनवरी (हि.स.)। लक्ष्मीबाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिकल एजुकेशन (एलएनआईपीई) ग्वालियर 23 और 24 जनवरी को दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन ‘सेतु 2026 – स्पोर्ट्स इकोसिस्टम फॉर ट्रेनिंग अपग्रेडेशन’ की मेजबानी करने जा रहा है। यह राष्ट्रीय कॉन्क्लेव केंद्रीय युवा कार्य एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया के संरक्षण तथा युवा कार्य एवं खेल राज्यमंत्री रक्षा निखिल खडसे के मार्गदर्शन में आयोजित किया जाएगा।
एलएनआईपीई, ग्वालियर देश का प्रमुख डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी संस्थान है, जो शारीरिक शिक्षा, खेल और शोध के क्षेत्र में समर्पित रूप से कार्य कर रहा है। इसकी स्थापना वर्ष 1957 में भारत सरकार के शिक्षा एवं संस्कृति मंत्रालय द्वारा की गई थी और बाद में इसे युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय (एमवाईएएस) के प्रशासनिक नियंत्रण में लाया गया।
इस राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर से नीति-निर्माता, शिक्षाविद, खेल प्रशासक, कोच, खेल वैज्ञानिक और उद्योग जगत के प्रतिनिधि शामिल होंगे। सम्मेलन का उद्देश्य भारत में खेल शिक्षा और प्रशिक्षण के भविष्य पर गंभीर विमर्श करना है।
युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का संयोजन एलएनआईपीई की कुलपति प्रो. कल्पना शर्मा द्वारा किया जा रहा है। इसमें खेल विश्वविद्यालयों के कुलपति, राष्ट्रीय खेल महासंघों के वरिष्ठ अधिकारी और विषय विशेषज्ञ भाग लेंगे।
ओलंपिक लक्ष्य और विकसित भारत 2047 से जुड़ा विज़न
‘सेतु 2026’ सम्मेलन प्रधानमंत्री के 2030 के बाद ओलंपिक में सफलता के विज़न के अनुरूप आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य खेल विज्ञान, कोचिंग, स्किलिंग और अकादमिक शिक्षा को एकीकृत कर एक मजबूत और भविष्य के लिए तैयार खेल पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना है।
सम्मेलन का एक प्रमुख लक्ष्य खेल और शिक्षा नीतियों को विकसित भारत 2047 के दीर्घकालिक दृष्टिकोण से जोड़ना है, ताकि प्रतिभा की पहचान, प्रशिक्षण, शिक्षा और खेल क्षेत्र में रोजगार एक समन्वित और परिणामोन्मुखी ढांचे में आगे बढ़ सकें। यह मंच जमीनी स्तर के खेल, उच्च शिक्षा और एलीट प्रदर्शन के बीच सेतु का कार्य करेगा।
एनईपी 2020 के अनुरूप खेल शिक्षा पर फोकस
सम्मेलन में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के अनुरूप अकादमिक पाठ्यक्रमों में खेल विज्ञान, आधुनिक कोचिंग पद्धतियों और कौशल विकास को शामिल करने के लिए स्पष्ट रोडमैप तैयार करने पर चर्चा होगी। साथ ही, तकनीक आधारित और कौशल केंद्रित खेल शिक्षा प्रणाली विकसित करने, विश्वविद्यालयों, शोध संस्थानों और खेल महासंघों के बीच सहयोग बढ़ाने तथा खेल क्षेत्र में मानव संसाधन विकास की जरूरतों पर भी जोर दिया जाएगा।
विभिन्न विषयों पर होंगे गहन विचार-विमर्श
‘सेतु 2026’ के तहत खेल विज्ञान और परफॉर्मेंस एनालिटिक्स, कोचिंग पेडागॉजी, स्किलिंग एवं रोजगार के अवसर, पाठ्यक्रम विकास, शोध का एकीकरण और खेल प्रशासन में सुधार जैसे विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। सम्मेलन में खेल पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण में विश्वविद्यालयों की भूमिका और साक्ष्य आधारित प्रशिक्षण व नीति निर्माण पर भी प्रकाश डाला जाएगा।
इस राष्ट्रीय मंथन के अंत में ‘सेतु 2026 घोषणा-पत्र’ जारी किए जाने की उम्मीद है, जिसमें भारत में खेल शिक्षा के भविष्य के लिए साझा दृष्टि और कार्ययोजना प्रस्तुत की जाएगी। यह घोषणा खेलो भारत नीति 2025 और राष्ट्रीय विकास लक्ष्यों के अनुरूप होगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे



