

सुपौल, 07 जून (हि.स.)। आगामी बाढ़ मौसम को देखते हुए सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 45वीं वाहिनी ने रविवार को कोसी पूर्वी तटबंध के 10 किलोमीटर स्पर के निकट आपदा प्रबंधन को लेकर विशेष मॉक ड्रिल आयोजित की।
इस अभ्यास का उद्देश्य बाढ़ एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान त्वरित राहत और बचाव कार्यों की तैयारियों को परखना तथा स्थानीय लोगों को जागरूक करना था।मॉक ड्रिल के दौरान एसएसबी की रेस्क्यू रिलीफ टीम (आरआरटी) ने नदी क्षेत्र में विभिन्न बचाव तकनीकों का प्रदर्शन किया। जवानों ने दिखाया कि बाढ़ की स्थिति में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थान तक कैसे पहुंचाया जाता है और पानी में डूब रहे व्यक्ति को किस प्रकार बचाया जा सकता है। इसके साथ ही आपात परिस्थितियों में अपनाई जाने वाली सावधानियों की भी जानकारी दी गई।
अभ्यास के दौरान लाइफ जैकेट, रस्सी तथा अन्य बचाव उपकरणों के उपयोग का प्रदर्शन कर ग्रामीणों को इनके महत्व से अवगत कराया गया। टीम ने लोगों को बताया कि संकट की घड़ी में घबराने के बजाय प्रशासन और बचाव दल के निर्देशों का पालन करना सबसे जरूरी होता है।
एसएसबी 45वीं वाहिनी के प्रभारी कमांडेंट जगदीश कुमार शर्मा ने कहा कि बल के पास प्रशिक्षित जवानों और विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की विशेष रेस्क्यू रिलीफ टीम उपलब्ध है, जो किसी भी आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य के लिए तत्पर रहती है। उन्होंने बताया कि आवश्यकता पड़ने पर यह टीम स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल सहायता पहुंचाएगी।उन्होंने कहा कि बाढ़, नाव हादसा या अन्य प्राकृतिक आपदा की स्थिति में एसएसबी लोगों की सुरक्षा और राहत कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाएगी। इसके लिए जवानों को नियमित रूप से प्रशिक्षण भी दिया जाता है ताकि किसी भी चुनौतीपूर्ण परिस्थिति का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके।
कार्यक्रम के अंत में तटवर्ती क्षेत्रों के लोगों को आपदा के प्रति सजग रहने, समय पर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।

