एमडीयू कैम्पस में सभी महापुरुषों की प्रतिमाएं की जाए स्थापित : सर्व समाज

छात्र संगठनों का पांच दिन से जारी धरना हुआ समाप्त

एमडीयू प्रशासन ने जल्द चौधरी छोटूराम की प्रतिमा कैम्पस परिसर में लगवाने का दिया आश्वासन

रोहतक, 31 मार्च (हि.स.)। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में विभिन्न छात्र संगठनों द्वारा कैम्पस परिसर में दीन बंधु सर चौधरी छोटूराम की प्रतिमा लगवाने की मांग को लेकर पांच दिनों से जारी भूख हड़ताल सोमवार को खत्म हो गई। एमडीयू प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और छात्रों को जल्द कैम्पस परिसर में प्रतिमा लगवाने का आश्वासन दिया।

छात्र नेता विक्रम डूमोलिया व सुधीर सहारण ने बताया कि पांच दिन से छात्र कैम्पस परिसर में चौधरी छोटूराम की प्रतिमा लगवाने को लेकर आंदोलनरत थे और अब एमडीयू प्रशासन ने उनकी यह मांग मान ली है। उन्होंने कहा कि रोहतक चौधरी छोटूराम की जन्म व कर्मस्थल रहा है और उन्होंने लोगों में शिक्षा की अलख जगाई है। उन्होंने कहा कि कैम्पस परिसर में चौधरी छोटूराम की प्रतिमा लगने से युवा उनके दिखाए मार्ग पर चलने पर अग्रसर होगे। वहीं सर्व समाज के प्रबुद्ध लोगों की एक महत्वपूर्ण बैठक कैनाल रेस्ट हाऊस में हुई, जिसमें एमडीयू प्रशासन से कैम्पस में प्ररेणा स्थल बनाकर शोधपीठ वाले सभी महापुरूर्षो की प्रतिमाएं स्थापित करने की मांग की गई।

सर्व समाज के प्रबुद्ध लोग रणधीर भारद्वाज, नवीन शर्मा, हरीश कौशिक, सचिन कुंडू, सतीश पहरावर,कृष्ण डाबला, चेतन कौशिक, प्रदीप ककराना, चुन्नीलाल, परमजीत पौलंगी ने कहा कि एमडीयू में वर्तमान में दस महापुरूषों के नाम से शोधपीठ स्थापित है, जिसमें दीनबंधु सर चौधरी छोटूराम, डॉ. भीमराव अंबेडकर, पंडित जवाहरलाल नेहरू, महर्षि बाल्मीकि, महर्षि दयानंद सरस्वती, सूर्यकवि पं लखमीचंद, संत साहित्य कबीर,चौधरी रणबीर सिंह, डॉ मंगल सैन व व पंडित दीनदयाल उपाध्याय शामिल है और उनमे से 2-3 महापुरूषों की प्रतिमाएं भी स्थापित की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि महापुरूर्ष किसी जाति विशेष के नहीं अपितु राष्ट्र की धरोहर होते है और ऐसे में विश्विद्यालय को सभी महापुरूर्षो का मान सम्मान रखते हुए एक प्रेरणा स्थल बनाकर सभी महापुरूर्षो की प्रतिमाएं स्थापित करनी चाहिए, जिससे युवाओं को जीवन में आगे बढऩे की प्ररेणा मिल सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल

   

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