डाेडा चूरा नष्ट नहीं कराने वाले किसानों के कटेंगे पट्टे, आबकारी विभाग ने नष्टीकरण के लिए कसी कमर
- DSS Admin
- Jun 19, 2026
चित्तौड़गढ़, 19 जून (हि.स.)। प्रदेश के अफीम उत्पादक किसान डोडा चूरा नष्ट नहीं करवा रहे हैं तो अगले वर्ष अफीम बुवाई के लाइसेंस के लिए वे अयोग्य घोषित हो सकते है। डोडा चूरा नष्टीकरण पर आबकारी विभाग ने इस बार सख्ती दिखाई है। बकायदा इसके लिए आबकारी आयुक्त ने जिला आबकारी अधिकारी को पत्र जारी कर डोडा चूरा नष्टीकरण की कार्रवाई करने को कहा है। पत्र में निर्देशित किया गया है कि ऐसे अफीम किसान जो डोडा चूरा नष्टीकरण का घोषणा पत्र नहीं देते है उनकी सूची बना कर इस वर्ष 2026-27 की फसल के लिए अफीम पट्टे अयोग्य घोषित करने की कार्रवाई के लिए नारकोटिक्स विभाग को दें। गौरतलब है कि वर्ष 2016 में डोडा चूरा की खरीद-फरोख्त प्रतिबंधित होने के बाद प्रतिवर्ष आबकारी विभाग डाेडा चूरा नष्टीकरण कार्यक्रम जारी करता रहा है, लेकिन राजनीतिक दबाव के चलते आज तक किसी भी किसान ने डोडा चूरा नष्ट नहीं करवाया है। नष्टीकरण नहीं होने से डोडा चूरा की तस्करी भी धड़ल्ले से होती रही है। इस बार पट्टा निरस्तीकरण का नियम डाल कर डाेडा चूरा नष्टीकरण पर आबकारी विभाग ने सख्ती बरती है।
जिला आबकारी अधिकारी गजेंद्रसिंह ने बताया कि हर वर्ष आबकारी विभाग डोडा चूरा नष्टीकरण को लेकर कार्यक्रम जारी करता आया है। लेकिन किसान कई वर्षों से डोडा चूरा नष्ट नहीं करवा रहे हैं। ऐसे में इस बार आबकारी आयुक्त के नए निर्देश मिले हैं। आबकारी आयुक्त ने चित्तौड़गढ़-प्रतापगढ़, उदयपुर, कोटा, भीलवाड़ा, झालवाड़, बारां के आबकारी अधिकारियों को डोडा चूरा नष्टीकरण के संबंध में निर्देश जारी किए है। डोडा चूरा नष्टीकरण के लिए जिला आबकारी अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। आबकारी अधिकारी नारकोटिक्स विभाग से फसल हंकाई के बाद शेष रहे काश्तकारों की सूची मय रकबा प्राप्त करेंगे। साथ ही डोडा चूरा नष्टीकरण के लिए कलक्टर, पुलिस अधीक्षक, नारकोटिक्स विभाग के प्रतिनिधि को शामिल कर समिति का गठन करेंगे। इस समिति के पर्यवेक्षण में ही डोडा चूरा नष्ट किया जाएगा। डोडा चूरा नष्टीकरण का कार्य 30 अगस्त तक पूर्ण किया जाना प्रस्तावित है।
जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि चित्तौड़गढ़ जिले में वर्ष 2018-19 से ही डोडा चूरा नष्टीकरण की कार्रवाई नहीं की गई है। राज्य सरकार के आदेश पर आबकारी विभाग प्रतिवर्ष डोडा चूरा नष्टीकरण की सूचना जारी करता है। लेकिन राजनीतिक दबाव के चलते डोडा चूरा का नष्टीकरण नहीं हो पाता है। जिले में वर्ष 2018-19 से लेकिन 2024-25 तक 1 लाख 21 हजार 591 किसानों को अफीम लाइसेंस दिए डोडा चूरा निस्तारण की कार्रवाई की जानी है। वर्ष 2018-19 में 16 हजार 244 किसानों को तथा 2025-26 में 17 हजार 275 किसानों को अफीम लाइसेंस दिए थे।
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