स्कूलों के 100 गज के दायरे में तंबाकू बेचने वालों पर शिकंजा, लाइसेंसों की होगी समीक्षा

शिमला, 19 जून (हि.स.)। अगर किसी स्कूल के आसपास दुकान चल रही है तो अब उसके लाइसेंस की भी पड़ताल होगी। शिमला जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि स्कूलों के 100 गज के दायरे में स्थित दुकानों को जारी किए गए लाइसेंसों की समीक्षा की जाएगी और भविष्य में किसी भी दुकानदार को लाइसेंस केवल भौतिक निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर ही दिया जाएगा। बिना निरीक्षण के लाइसेंस जारी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

तंबाकू नियंत्रण को लेकर शुक्रवार को आयोजित जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक में उपायुक्त अनुपम कश्यप ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूलों के आसपास तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर पूरी तरह रोक सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि स्कूलों के प्रधानाचार्यों को अपने संस्थान के 100 गज के दायरे में आने वाली दुकानों का निरीक्षण करने का अधिकार है। यदि किसी दुकान में तंबाकू उत्पाद बिकते पाए जाते हैं तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने प्रधानाचार्यों से समय-समय पर औचक निरीक्षण करने को भी कहा।

उपायुक्त ने कहा कि न्यायालय के निर्देशों और सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (कोटपा) के तहत किसी भी स्कूल, कॉलेज या अन्य शैक्षणिक संस्थान के 100 गज के भीतर तंबाकू उत्पादों की बिक्री प्रतिबंधित है। उन्होंने बताया कि बसंतपुर ब्लॉक में कई दुकानदारों ने प्रशासन को लिखित आश्वासन दिया है कि वे तंबाकू उत्पादों की बिक्री नहीं करेंगे। इसे उन्होंने सामुदायिक सहयोग का सकारात्मक उदाहरण बताया।

बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि स्वास्थ्य विभाग ने जिला के अस्पतालों में ‘तंबाकू मुक्त अस्पताल परिसर बॉक्स’ स्थापित किए हैं, जहां मरीज और तीमारदार अस्पताल में प्रवेश से पहले अपने पास मौजूद तंबाकू उत्पाद जमा कर सकते हैं।

वहीं एनएचएम के सर्वेक्षण में शिमला के माल रोड क्षेत्र में स्कूलों के दायरे में आने वाली 17.5 प्रतिशत दुकानों के पास तंबाकू उत्पाद बेचने के लाइसेंस पाए गए।

उपायुक्त अनुपम कश्यप ने लोगों, व्यापारियों और संस्थानों से कोटपा अधिनियम का सख्ती से पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि तंबाकू का सेवन कैंसर, हृदय रोग और फेफड़ों से जुड़ी गंभीर बीमारियों का बड़ा कारण है।

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