मूसलाधार बारिश से धमतरी शहर बेहाल , गलियों में जलभराव, निचली बस्तियों के सैकड़ों परिवार प्रभावित

एकलव्य खेल परिसर में पानी भर गया है।विवेकानंद कॉलोनी के अटल आवास क्षेत्र में भरा पानी।गलियों में भरा।

धमतरी, 05 जुलाई (हि.स.)। जिले में बीती रात से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने शहर और ग्रामीण क्षेत्रों की रफ्तार थाम दी है। शहर के कई वार्डों में जलभराव की स्थिति बन गई है, जिससे लोगों का जनजीवन प्रभावित हो गया है। निचली बस्तियों में बारिश का पानी घरों के आसपास और गलियों में भर जाने से लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में पानी भर जाने से खेती-किसानी का काम भी फिलहाल ठप पड़ गया है।

जानकारी के अनुसार पुराना बस स्टैंड क्षेत्र, आमापारा वार्ड, लाल बगीचा वार्ड, पंचवटी कॉलोनी, डिपोपारा, विवेकानंद नगर गली नंबर-3, अटल आवास कॉलोनी सहित कई इलाकों में बरसाती पानी जमा हो गया है। सड़कें और गलियां जलमग्न होने से लोगों को घरों से निकलने में मुश्किलें आ रही हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण हर वर्ष बारिश के दौरान ऐसी स्थिति निर्मित हो जाती है। सबसे अधिक परेशानी विवेकानंद नगर गली नंबर-3 में देखने को मिल रही है, जहां पार्षद के निवास के सामने तक पानी भर गया है। क्षेत्र के 100 से अधिक परिवार जलभराव से प्रभावित हैं। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है, जिससे दुर्घटना और बीमारी फैलने की आशंका भी बढ़ गई है। लोगों ने नगर निगम से तत्काल जल निकासी की व्यवस्था करने और स्थायी समाधान की मांग की है। मौसम के बदले मिजाज ने जहां एक ओर गर्मी से राहत दी है, वहीं दूसरी ओर शहर में जलभराव और ग्रामीण क्षेत्रों में खेती-किसानी की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। यदि बारिश का सिलसिला इसी तरह जारी रहा तो लोगों की परेशानियां और बढ़ सकती हैं।

इधर, शहर से लगे ग्रामीण इलाकों में भी लगातार बारिश का व्यापक असर दिखाई दे रहा है। खेत-खलिहानों में चारों ओर पानी भर जाने से पूरा क्षेत्र किसी विशाल तालाब जैसा नजर आ रहा है। किसानों का कहना है कि जब तक खेतों से पानी नहीं निकलेगा, तब तक खेती से जुड़े आवश्यक कार्य शुरू करना संभव नहीं होगा।

किसान शोभित राम साहू और पंचूराम निषाद ने बताया कि लगातार बारिश के कारण खेत पूरी तरह पानी से लबालब हैं। पानी रुकने और खेतों से अतिरिक्त पानी निकलने के बाद ही बुआई सहित अन्य कृषि कार्यों में तेजी आ सकेगी। फिलहाल किसान मौसम साफ होने का इंतजार कर

रहे हैं।

   

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