कृषि साख सहकारी समितियों की भूमिका विषय पर विचार गोष्ठी का हुआ आयाेजन
- DSS Admin
- Jul 01, 2026
कोंड़ागांव, 01 जुलाई (हि.स.)। सहकारी सप्ताह के अवसर पर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित, कोंड़ागांव शाखा के आज बुधवार काे सभाकक्ष में जिला सहकारी विकास समिति (डीसीडीसी), किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) एवं प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) की भूमिका विषय पर विचार गोष्ठी एवं व्याख्यान कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिले की सभी प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) एवं लैम्प्स के प्राधिकृत अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का उद्देश्य सहकारी संस्थाओं के बीच समन्वय स्थापित कर कृषि के विविधीकरण, मूल्य संवर्धन तथा किसानों की आय में वृद्धि की संभावनाओं पर चर्चा करना था। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने अपने अनुभव एवं सुझाव साझा करते हुए सहमति व्यक्त की कि सहकारी संस्थाओं, एफपीओ एवं पैक्स के समन्वित प्रयासों से किसानों को आधुनिक तकनीक, जैविक खेती, मूल्य संवर्धन एवं बेहतर विपणन व्यवस्था से जोड़कर उनकी आय में वृद्धि के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति दी जा सकती है।
जिला विपणन अधिकारी एसके कनौजिया ने जिला सहकारी विकास समिति (डीसीडीसी) की भूमिका एवं महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सहकारिता से जुड़ी विभिन्न संस्थाओं के समन्वित प्रयासों से किसानों को अधिकतम लाभ पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) एवं पैक्स किसानों को संगठित कर सामूहिक क्रय-विक्रय, प्रसंस्करण, भंडारण तथा विपणन की बेहतर व्यवस्था विकसित कर सकते हैं, जिससे किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है। उन्होंने अधिकारियों से किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों, सहकारी योजनाओं एवं एफपीओ गतिविधियों से अधिक से अधिक जोडऩे का आह्वान किया।
सहकारिता विभाग के एआरसीएस उदय भान ठाकुर ने मिलेट्स आधारित खेती, जैविक कृषि तथा मूल्य संवर्धन के विभिन्न आयामों की जानकारी देते हुए कहा कि मोटे अनाजों की बढ़ती मांग किसानों के लिए आय बढ़ाने का बेहतर अवसर है। उन्होंने जैविक खेती के साथ वैज्ञानिक एवं आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने पर बल दिया।
नोडल अधिकारी ललिता मरकाम एवं सहायक पर्यवेक्षक केएल पाण्डेय ने किसानों को जैविक खेती, उन्नत कृषि तकनीकों, मिलेट्स उत्पादन तथा एफपीओ गतिविधियों से जोड़ने के लिए योजनाबद्ध कार्य करने का आह्वान किया। वहीं विभिन्न लैम्प्स के प्राधिकृत अधिकारियों ने किसानों को धान के साथ-साथ दलहन, तिलहन, मिलेट्स, सब्जी एवं बागवानी जैसी बहुफसलीय खेती अपनाने के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया।
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