जियो वाहन टैगिंग व्यवस्था में दिक्कतें रहीं तो होगा विरोध : ज्ञानेश मिश्र

कानपुर, 08 जून (हि.स.)। प्रदेश की 220 मंडियों में एक जुलाई से कृषि उत्पादों के व्यापार और परिवहन के लिए ऐप आधारित जियो वाहन टैगिंग व्यवस्था दो माह के लिए प्रयोगात्मक रूप से लागू किए जाने की घोषणा के बाद व्यापारियों ने चिंता जताई है। नई व्यवस्था का अध्ययन कर उसकी खामियां दूर कराने का प्रयास किया जाएगा और समस्याएं बरकरार रहने पर विरोध की रणनीति बनाई जाएगी। यह बातें सोमवार को भारतीय कृषि उत्पाद उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्र ने कहीं।

नौबस्ता गल्ला मंडी में आयोजित बैठक में ज्ञानेश मिश्र ने कहा कि मंडियों में पहले से कई ऑनलाइन व्यवस्थाएं लागू हैं। ऐसे में एक और समानांतर व्यवस्था व्यापारियों, उद्यमियों और किसानों के लिए व्यावहारिक समस्याएं पैदा कर सकती है। उन्होंने कहा कि व्यवस्था लागू होने के बाद आने वाली दिक्कतों का आकलन किया जाएगा और समाधान नहीं होने पर विरोध किया जाएगा।

राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अजय वाजपेयी ने कहा कि मंडी से अन्य जिलों तक विभिन्न माध्यमों से भेजे जाने वाले कृषि उत्पादों की वाहन टैगिंग में दिक्कतें आ सकती हैं। वरिष्ठ महामंत्री गोपाल शुक्ला ने भी बाहरी राज्यों और बंदरगाहों से आने वाले माल की टैगिंग प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए।

बैठक में तय किया गया कि जुलाई में व्यवस्था लागू होने के बाद उसके प्रभाव का अध्ययन किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर आगे की रणनीति बनाई जाएगी।

   

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