पाैधराेपण पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम : डॉ. अर्चना सिंह

कानपुर, 06 जून (हि.स.)। पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के निर्माण के लिए पाैधरोपण अत्यंत आवश्यक है। पौधारोपण केवल एक औपचारिक गतिविधि नहीं, बल्कि प्रकृति और आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक है। यह बातें शनिवार को चन्द्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी (सीएसए) विश्वविद्यालय के सामुदायिक विज्ञान संकाय के वस्त्र एवं परिधान विभाग की प्रभारी डॉ. अर्चना सिंह ने कहीं।

विश्व पर्यावरण दिवस के दूसरे दिन सामुदायिक विज्ञान संकाय के वस्त्र एवं परिधान विभाग द्वारा विभागीय प्रांगण में पाैधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विभाग की प्रभारी डॉ. अर्चना सिंह, प्रो. डॉ. एकता शर्मा, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. ऋतु पाण्डेय तथा टीचिंग एसोसिएट डॉ. अंकिता यादव ने विभाग के सहकर्मियों और पीएचडी छात्राओं के साथ पौधारोपण किया।

इस दौरान विभागीय लॉन में अंजीर के पौधे के साथ अपराजिता और टेकोमा जैसे सजावटी एवं पर्यावरण हितैषी पौधों का रोपण किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों और छात्राओं ने पर्यावरण संरक्षण, हरित परिसर निर्माण तथा जैव विविधता के संवर्धन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

वक्ताओं ने कहा कि बढ़ते पर्यावरणीय संकट और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच वृक्षारोपण की आवश्यकता पहले से अधिक बढ़ गई है। ऐसे कार्यक्रम न केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हैं, बल्कि विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करते हैं।

कार्यक्रम के दौरान पौधों के संरक्षण एवं नियमित देखभाल का संकल्प भी लिया गया। विभाग की ओर से कहा गया कि वृक्षारोपण को एक दिवसीय आयोजन तक सीमित न रखकर निरंतर पर्यावरणीय उत्तरदायित्व के रूप में अपनाया जाना चाहिए। कार्यक्रम को पर्यावरण जागरूकता बढ़ाने और विद्यार्थियों को प्रकृति संरक्षण के लिए प्रेरित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया गया।

   

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