खैर पेड़ों की कटाई पर वन विभाग का स्पष्टीकरण, अवैध कटाई की खबरों को भ्रामक और निराधार बताया

The Forest Department issued a clarification on the felling of trees, calling the reports of illegal felling misleading and baseless.


कठुआ, 19 जनवरी । वन विभाग कठुआ ने सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफार्मों पर अपने अधिकार क्षेत्र में खैर वृक्षों की कथित अवैध और अनधिकृत कटाई के संबंध में प्रसारित हो रही खबरों को भ्रामक और निराधार बताया है।

वन विभाग के अनुसार जसरोटा रेंज के चिलिक और सेसवां गांवों में खैर पेड़ों की कटाई निजी भूमि पर, सभी कानूनी अनुमति के साथ की जा रही है। यह प्रक्रिया एसआरओ-111 (2016) स्वीकृत खैर प्रबंधन योजना और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुरूप है। कटाई कार्य वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित 10 वर्षीय फेलिंग साइकिल के तहत हो रहा है जिसकी संयुक्त निगरानी वन, राजस्व और पुलिस विभाग द्वारा की जा रही है। वहीं वन विभाग ने जनता से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें केवल अधिकृत सूचनाओं पर ही भरोसा करें। किसी भी शिकायत के लिए सीधे वन विभाग से संपर्क करें। विभाग ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे केवल सक्षम अधिकारियों द्वारा जारी प्रामाणिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। किसी भी शिकायत या विशिष्ट मुद्दे को कानून के अनुसार उचित कार्रवाई के लिए वन विभाग के संज्ञान में लाया जा सकता है।

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