पावर सेक्टर रिफॉर्म्स की ऊर्जा क्रांति पूरे देश मे तेजी से फैल रही है : प्रो. मणींद्र अग्रवाल

कानपुर, 25 मार्च (हि.स.)। भारत 2070 तक नेट जीरो हासिल करने के लक्ष्य को पूरा करने का प्रयास कर रहा है और ऊर्जा क्षेत्र के लिए सरकार का मजबूत नीतिगत ढांचा वैश्विक ऊर्जा संक्रमण में देश की महत्वपूर्ण भूमिका को आगे बढ़ा रहा है। यह ऊर्जा क्रांति पूरे देश में तेजी से फैल रही है और तकनीकी अनुसंधान इसे आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। चाहे अंतिम-छोर पर ग्रिड कनेक्टिविटी हो या निर्बाध अक्षय ऊर्जा एकीकरण, उभरते ऊर्जा परिदृश्य को नेविगेट करने के लिए शिक्षा और उद्योग के बीच सहयोग आवश्यक होगा। यह बातें मंगलवार को आईआईटी कानपुर निदेशक प्रोफेसर मणींद्र अग्रवाल ने कही।

सेंटर फॉर एनर्जी रेगुलेशन (सीईआर) भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी कानपुर) ने यूके सरकार के विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास कार्यालय (एफसीडीओ) द्वारा समर्थित पावर सेक्टर रिफॉर्म्स (पीएसआर) के दूसरे चरण कार्यक्रम के तहत भारत में पावर सेक्टर रिफॉर्म्स के अगले युग को आकार देने पर प्रसार संगोष्ठी का आयोजन किया। इस हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम में नियामकों, वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, उद्योग जगत के लीडरों, शोधकर्ताओं और विशेषज्ञों ने नियामक उन्नति, बाजार नवाचारों और डेटा-संचालित नीति निर्माण के माध्यम से भारत के बिजली क्षेत्र के भविष्य पर चर्चा की।

कार्यक्रम के तहत गतिविधियों के कुछ प्रमुख परिणामों को साझा किया गया और उनके प्रभाव पर विचार किया गया। कार्यक्रम के तहत गतिविधियों में नियामक अनुसंधान को मजबूत करना, संस्थागत क्षमताओं को बढ़ाना और देश के भीतर और अपने यूरोपीय समकक्षों के साथ ज्ञान के आदान-प्रदान को सुविधाजनक बनाना शामिल है। यूके सरकार के समर्थन से, यह पहल भारत के ऊर्जा संक्रमण में योगदान देती है, जिससे अधिक टिकाऊ और इंटेलिजेंट बिजली पारिस्थितिकी तंत्र का मार्ग प्रशस्त होगा ।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

   

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