जेके न्यायिक अकादमी में तकनीक और एआई पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित
- Rahul Sharma
- Jul 19, 2026
जम्मू। स्टेट समाचार
जम्मू-कश्मीर न्यायिक अकादमी में प्रशिक्षु सिविल जज (जूनियर डिवीजन) बैच-2026 के प्री-अपॉइंटमेंट इंडक्शन ट्रेनिंग कार्यक्रम तथा बैच-2020 के न्यायिक अधिकारियों के लिए सतत न्यायिक शिक्षा कार्यक्रम के तहत शैक्षणिक सत्र आयोजित किए गए। कार्यक्रम का आयोजन कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एवं न्यायिक अकादमी की गवर्निंग कमेटी के संरक्षक संजीव कुमार के संरक्षण तथा न्यायमूर्ति राजनेश ओसवाल के मार्गदर्शन में किया गया। पूर्व सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजेश बिंदल ने "न्याय प्रशासन में प्रौद्योगिकी" और "न्यायाधीशों के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई)" विषयों पर व्याख्यान देते हुए कहा कि तकनीक न्याय प्रणाली को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और सुलभ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने राष्ट्रीय न्यायिक डेटा ग्रिड (एनजेडीजी), ई-एससीआर और भाषिणी जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म की उपयोगिता पर प्रकाश डाला तथा कहा कि एआई कानूनी शोध, निर्णय लेखन और दस्तावेजों के सार तैयार करने में सहायक हो सकता है, लेकिन न्यायिक निर्णय का अंतिम अधिकार और जिम्मेदारी न्यायाधीश की ही रहेगी।
दोपहर के सत्र में न्यायमूर्ति राहुल भारती ने न्यायिक अधिकारियों और प्रशिक्षु सिविल जजों को संबोधित करते हुए कानून के सतत अध्ययन, न्यायिक लेखन में स्पष्टता, विश्लेषणात्मक सोच और पेशेवर जिम्मेदारी के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मामले पर संवेदनशीलता और गंभीरता से विचार करना न्यायिक दायित्व का अभिन्न हिस्सा है। कार्यक्रम की शुरुआत में न्यायिक अकादमी के निदेशक नसीर अहमद डार ने प्रशिक्षण के उद्देश्य और महत्व पर प्रकाश डाला। पूरे दिन चले इस संवादात्मक कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने न्यायिक प्रशासन, तकनीकी नवाचार और न्यायिक निर्णय प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों से चर्चा कर अपने अनुभव साझा किए।

