मानसून आपदा प्रबंधन के लिए उत्तराखंड सरकार सतर्क: जिलावार तैयार किए गए 200 से अधिक आपदा परिदृश्य

देहरादून, 2 जुलाई (हि.स.)। उत्तराखंड सरकार ने आगामी मानसून के दौरान संभावित प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए राज्य के विभिन्न जिलों के लिए 200 से अधिक विस्तृत आपदा परिदृश्य (सिनेरियो) तैयार किए हैं। इनका उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव सुनिश्चित करना है।

आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से तैयार दस्तावेज में अल्मोड़ा, बागेश्वर, चंपावत, चमोली, देहरादून सहित सभी संवेदनशील जिलों का विस्तृत जोखिम आकलन किया गया है। इसमें भूस्खलन, बादल फटना, फ्लैश फ्लड, नदी कटाव, शहरी जलभराव, सड़क अवरुद्ध होने, पुल बहने, सुरंग दुर्घटनाओं तथा तीर्थयात्रियों के फंसने जैसी संभावित परिस्थितियों के लिए अलग-अलग कार्ययोजना बनाई गई है।

दस्तावेज के अनुसार, भारी वर्षा के दौरान चारधाम यात्रा मार्ग, बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग, पिंडारी ट्रेक, पूर्णागिरि यात्रा मार्ग, अल्मोड़ा-हल्द्वानी मार्ग समेत अन्य संवेदनशील सड़कों पर भूस्खलन और मलबा आने की आशंका को देखते हुए राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ), राष्ट्रीय आपदा प्रतिवादन बल (एनडीआरएफ), पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और लोक निर्माण विभाग के बीच समन्वित कार्रवाई की व्यवस्था की गई है। आवश्यकता पड़ने पर हेलीकॉप्टर, ड्रोन, भारी मशीनरी और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग भी किया जाएगा।

दस्तावेज में देहरादून सहित शहरी क्षेत्रों में जलभराव, नदी तटीय इलाकों में बाढ़ तथा बड़े पैमाने पर लोगों की सुरक्षित निकासी के लिए राहत शिविर, चिकित्सा सहायता, खाद्य सामग्री, पेयजल और संचार व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया है।

सरकार का कहना है कि पूर्व निर्धारित इन आपदा परिदृश्यों के माध्यम से मानसून के दौरान किसी भी आपात स्थिति में त्वरित, समन्वित और प्रभावी राहत एवं बचाव अभियान संचालित किया जा सकेगा।

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