वीबी जी रामजी योजना में श्रमिकों को 125 दिन का रोजगार एवं मजदूरी 300 रुपये प्रतिदिन मिलेगा : वेदवती कश्यप
- DSS Admin
- Jul 02, 2026
जगदलपुर, 02 जुलाई (हि.स.)। भारत सरकार द्वारा विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत अकुशल श्रमिकों के लिए नई मजदूरी दरें अधिसूचित की गई हैं। नई दरें एक जुलाई से प्रभावी हो गई हैं। 2 जुलाई गुरुवार को तिरुपति, आंध्र प्रदेश से केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस वर्चुअल कार्यक्रम में आज गुरूवार काे जिलास्तरीय कार्यक्रम जगदलपुर के टाउन हॉल में आयोजित किया गया, जिसमें जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप, उपाध्यक्ष बलदेव मंडावी, कलेक्टर आकाश छिकारा, जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन, जिला पंचायत सदस्य, तोकापाल और दरभा पंचायत के अध्यक्ष भी शामिल हुए।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के लिए विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) एक महत्वपूर्ण योजना है। यह योजना केवल रोजगार उपलब्ध कराने की योजना नहीं है, बल्कि विकसित भारत 2047 के संकल्प को ग्राम स्तर तक साकार करने का एक व्यापक अभियान है। इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को प्रति वित्तीय वर्ष 125 दिनों के गारंटीकृत रोजगार का प्रावधान किया गया है, जिससे आजीविका सुरक्षा के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करने के उद्देश्य से मजदूरी भत्ता 300 रुपये प्रतिदिवस किया गया है। वीबी जीरामजी के माध्यम से जल संरक्षण, ग्रामीण आधारभूत संरचना, आजीविका संवर्धन एवं टिकाऊ विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि प्रत्येक ग्राम पंचायत आत्मनिर्भर और समृद्ध बन सके।
उन्हाेने बताया कि इस योजना के अंतर्गत ग्रामीण परिवारों को वर्ष में 125 दिनों तक रोजगार की गारंटी, 15 दिवस के भीतर मजदूरी भुगतान, बेरोजगारी भत्ता, डिजिटल जॉब कार्ड एवं तकनीक आधारित कार्य प्रबंधन प्रणाली, समयबद्ध एवं पारदर्शी भुगतान व्यवस्था प्राप्त होगी। वीबी जीरामजी में जल संरक्षण, सिंचाई, ग्रामीण सड़क, वृक्षारोपण एवं टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण के साथ ग्रामीण युवाओं के लिए कौशल विकास एवं आजीविका पर जोर दिया गया है। अब ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की कार्ययोजना ग्राम सभा के माध्यम से तैयार की जाएगी, जिससे स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप कार्यों का चयन किया जा सकेगा।
जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन ने बताया कि यह महत्वाकांक्षी योजना वास्तव में महात्मा गांधी नरेगा योजना का ही एक अत्यंत परिष्कृत, उन्नत और तकनीकी रूप है, जो ग्रामीण परिदृश्य को पूरी तरह से बदलने की क्षमता रखती है। इस योजना के तहत न केवल रोजगार के अवसरों में अभूतपूर्व विस्तार किया गया है,बल्कि श्रमिकों के आर्थिक कल्याण और सामाजिक सुरक्षा को भी सर्वोपरि रखा गया है। इस योजना की सबसे अनूठी बात इसका स्पेशल इंक्लूजन मैट्रिक्स है, जिसके अंतर्गत समाज के सबसे कमजोर और संवेदनशील वर्गों जैसे एकल महिलाओं, दिव्यांगजनों, 60 वर्ष से अधिक उम्र के वृद्धजनों, ट्रांसजेंडर समुदाय, बंधुआ मजदूरी से मुक्त कराए गए लोगों तथा पीवीटीजी (विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों) को काम देने में विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। अब पुराने पारंपरिक जॉब कार्ड के स्थान पर एक नया सुरक्षा फीचर्स से लैस ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी होगा, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति का एक विशिष्ट पॉलिसी नंबर दर्ज होगा, जिसके जरिए उन्हें आवश्यक बीमा और अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभ मुहैया कराए जाएंगे।
उन्हाेंने बताया कि इस पूरी योजना को पूरी तरह से पारदर्शी बनाए रखने के लिए इसे आधुनिक स्पेस टेक्नोलॉजी, जीआईएस और मोबाइल ऐप से लैस यानी टेक-इनेबल्ड किया गया है। योजना के तहत श्युक्तिधारा ऐपश् के माध्यम से ग्राम पंचायत के विकास कार्यों का खाका तैयार किया जाएगा, जिसे ग्राम सभा से बकायदा प्रस्ताव पारित कराकर ही आगे बढ़ाया जाएगा, यानी जो कार्य ग्राम सभा तय करेगी वही इस योजना में शामिल होंगे। इसके अलावा जल सुरक्षा से जुड़े कार्यों के लिए क्लाट ऐप का उपयोग किया जाएगा। सैटेलाइट आधारित उन्नत प्लानिंग के लिए पूर्व की तरह भुवन पोर्टल को भी इससे जोड़ा गया है, जबकि कार्यस्थल पर श्रमिकों की वास्तविक उपस्थिति दर्ज करने और सटीक मॉनिटरिंग के लिए बायोमेट्रिक सिस्टम और एनएमएमएस ऐप जैसी डिजिटल तकनीकों का सहारा लिया जाएगा। इस योजना के वित्तीय ढांचे में भी बड़ा बदलाव करते हुए केंद्र और राज्य सरकार की सहभागिता को अब लेबर और मटेरियल दोनों ही क्षेत्रों में 60:40 के अनुपात में निर्धारित किया गया है।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन ने उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों तथा कर्मचारियों से इस कल्याणकारी मिशन को जमीनी स्तर पर पूरी ईमानदारी से लागू करने के लिए पूर्ण सहयोग का आह्वान किया। कार्यक्रम में अतिथियों द्वारा विबी जीरामजी के तहत सामुदायिक और व्यक्ति मूलक स्वीकृति आदेश की प्रति हितग्राहियों को वितरित किया गया। इस अवसर पर गणमान्य जनप्रतिनिधि, बड़ी संख्या में ग्रामीणजन, पंचायत विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
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