ऊर्जा क्षेत्र में मीरजापुर को बड़ी सौगात, उपकेंद्र व पारेषण लाइन निर्माण को मंजूरी

- योगी सरकार ने 2799 करोड़ रुपये की परियोजना को दी स्वीकृति, जिले में बढ़ेगी विद्युत उत्पादन क्षमता

मीरजापुर, 18 मई (हि.स.)। प्रदेश में बढ़ती विद्युत मांग को देखते हुए योगी सरकार ने मीरजापुर को ऊर्जा क्षेत्र में बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में जिले में प्रस्तावित तापीय एवं पम्प्ड स्टोरेज विद्युत परियोजनाओं से उत्पादित बिजली के सुचारु पारेषण हेतु उपकेंद्र एवं पारेषण लाइन निर्माण को मंजूरी प्रदान की गई है।

सरकार की ओर से इस कार्य के लिए कुल 2799.47 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसमें उपकेंद्र निर्माण पर 1315.91 करोड़ रुपये तथा विद्युत पारेषण लाइनों के निर्माण पर 1483.56 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। परियोजना के पूर्ण होने से मीरजापुर में उत्पादित बिजली प्रदेश के विभिन्न जिलों तक आसानी से पहुंचाई जा सकेगी।

जिले के दादरी खुर्द गांव में द्वारा 1600 मेगावाट क्षमता (2×800 मेगावाट) का अल्ट्रा सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट स्थापित किया जा रहा है। करीब 18,300 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना की पहली यूनिट से सितंबर 2028 तक विद्युत उत्पादन शुरू होने की संभावना है। परियोजना अधिकारियों के अनुसार पहली यूनिट के छह माह बाद दूसरी यूनिट से भी उत्पादन प्रारंभ करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

इसके अलावा मीरजापुर में चार पम्प्ड स्टोरेज विद्युत परियोजनाएं भी प्रस्तावित हैं, जिनकी कुल उत्पादन क्षमता 3480 मेगावाट होगी। कटरा गांव, कालूपट्टी एवं बबुरा क्षेत्र में विभिन्न निजी कंपनियों द्वारा हजारों करोड़ रुपये की लागत से परियोजनाओं की स्थापना की जाएगी।

ऊर्जा क्षेत्र में हो रहे इन निवेशों से जिले में रोजगार के नए अवसर सृजित होने के साथ औद्योगिक विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है।

सितंबर 2028 तक शुरू होगा बिजली उत्पादन

दादरी खुर्द गांव में निर्माणाधीन 1600 मेगावाट क्षमता वाले तापीय विद्युत परियोजना की पहली यूनिट से सितंबर 2028 तक उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। आधुनिक तकनीक पर आधारित इस परियोजना से स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिल रहे हैं।

जिले में बनेंगे चार पम्प्ड स्टोरेज प्लांट

मीरजापुर में प्रस्तावित चार पम्प्ड स्टोरेज परियोजनाओं से कुल 3480 मेगावाट बिजली उत्पादन होगा। कटरा, कालूपट्टी एवं बबुरा क्षेत्र में विभिन्न कंपनियों द्वारा हजारों करोड़ रुपये की लागत से परियोजनाएं स्थापित की जाएंगी।

बिजली आपूर्ति व्यवस्था होगी मजबूत

उपकेंद्र एवं पारेषण लाइन निर्माण पर करीब 2799 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे मीरजापुर में बनने वाली बिजली को प्रदेश के अन्य हिस्सों तक निर्बाध रूप से पहुंचाने में मदद मिलेगी।

   

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