खिचड़ी भोज एवं स्नेह मिलन में पूर्वांचल राज्य गठन की उठी मांग, पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा— जरूरी है

जनता को संबोधित करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ संजय सिंहमंच की फोटोभीड़ की फोटो

अमेठी, 21 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के अमेठी कस्बे में बुधवार को ददन सदन में खिचड़ी भोज एवं स्नेह मिलन कार्यक्रम के दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजय सिंह और पूर्व प्राविधिक शिक्षा मंत्री डॉ. अमीता सिंह ने पृथक पूर्वांचल राज्य के गठन की जोरदार मांग की। कार्यक्रम में जनपद एवं क्षेत्र के हजारों लोग शामिल हुए।

डॉ. संजय सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश जैसे विशाल और अत्यधिक जनसंख्या वाले राज्य में एक ही प्रशासनिक व्यवस्था के तहत सुशासन संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि बड़े राज्यों में न लोकतंत्र प्रभावी रह पाता है और न ही विकास समान रूप से हो पाता है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के 8 मंडलों के 28 जिलों को मिलाकर पूर्वांचल राज्य बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। डॉ. सिंह के अनुसार प्रस्तावित पूर्वांचल राज्य की आबादी लगभग 7.98 करोड़ होगी और यह देश का 14वां सबसे बड़ा राज्य होगा। इसमें वाराणसी, प्रयागराज, आजमगढ़, गोरखपुर, अयोध्या, अमेठी, मिर्जापुर, सोनभद्र सहित कुल 28 जिले शामिल होंगे।

उन्होंने घोषणा की कि ‘पूर्वांचल राज्य संयुक्त संकल्प मंच’ के माध्यम से राज्य गठन की मुहिम जनहित में चलाई जाएगी तथा इस मांग को लेकर संघर्ष कर रहे सभी संगठनों और सेनानियों को एक मंच पर आने का आमंत्रण दिया।

पूर्व मंत्री डॉ. अमीता सिंह ने कहा कि पूर्वांचल देश का बड़ा विद्युत उत्पादन क्षेत्र है और खनिज, हस्तशिल्प व धार्मिक-पर्यटन की अपार संभावनाएं रखता है। उन्होंने कहा, “मुंबई, सूरत, लुधियाना, सिंगापुर, दुबई और सिलिकॉन वैली में पूर्वांचल के लोग हैं। हमें पूर्वांचल राज्य दे दीजिए, हम भारत को जापान बनाने की क्षमता रखते हैं।”

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हिन्दुस्थान समाचार / लोकेश त्रिपाठी

   

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