'लूट' का ड्रामा : कर्ज चुकाने के लिए चालक-सेल्समैन ने रची थी साजिश

मीरजापुर, 05 जुलाई (हि.स.)। मड़िहान थाना क्षेत्र में माल बिक्री की रकम लूटे जाने की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने रविवार को पर्दाफाश कर दिया। पुलिस जांच में सामने आया कि लूट की कोई घटना हुई ही नहीं थी। चालक और सेल्समैन ने आर्थिक तंगी और बैंक के कर्ज से छुटकारा पाने के लिए खुद ही बिक्री की रकम हड़प ली और पुलिस व मालिक को गुमराह करने के लिए लूट की मनगढ़ंत कहानी गढ़ दी।

पुलिस अधीक्षक आपरेशन राजकुमार मीणा ने बताया कि 03 जुलाई को बाजीराव कटरा निवासी सचिन कटारे ने मड़िहान थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके चालक सुनील कुमार यादव और सेल्समैन राजकुमार प्रजापति 02 जुलाई को विभिन्न क्षेत्रों में माल की बिक्री कर वापस लौट रहे थे। आरोप था कि बेला मंदिर के पास बाइक सवार दो बदमाश रुपये से भरा बैग छीनकर फरार हो गए।

मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक के निर्देश पर तीन टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य, ह्यूमन इंटेलिजेंस और अन्य तथ्यों के आधार पर गहन जांच की।

जांच में खुलासा हुआ कि चालक और सेल्समैन ने सुनियोजित तरीके से बिक्री की रकम आपस में बांट ली थी। लूट का दृश्य असली दिखाने के लिए वाहन का अगला बायां टायर नुकीली वस्तु से फाड़ दिया गया और गाड़ी का शीशा जैक से तोड़ दिया गया। इसके बाद दोनों ने मालिक और पुलिस को लूट की झूठी सूचना दे दी।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि दोनों आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे और बंधन बैंक के कर्ज के दबाव में यह साजिश रची गई थी। मड़िहान पुलिस ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोनों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

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