बाढ़ से निपटने की तैयारियों का राज्य स्तरीय मॉक ड्रिल

- सदर व चुनार तहसीलों में हुआ अभ्यास

मीरजापुर, 11 जून (हि.स.)। जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार के निर्देशन एवं अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) विनोद कुमार सिंह के मार्गदर्शन में गुरुवार को जनपद की बाढ़ प्रभावित दो संवेदनशील तहसीलों सदर और चुनार में राज्य स्तरीय मॉकड्रिल आयोजित किया गया। उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देशन में प्रदेश के 44 बाढ़ संवेदनशील जनपदों की 118 तहसीलों में एक साथ यह अभ्यास कराया गया।

जनपद में तहसील सदर के नार घाट क्षेत्र में गंगा नदी में नाव पलटने तथा तहसील चुनार में जलस्तर वृद्धि के दौरान लोगों के डूबने की घटना को आधार बनाकर मॉक ड्रिल की गई।

सुबह 9 बजे इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (ईओसी) से दोनों घटनाओं की सूचना प्रसारित कर अभ्यास की शुरुआत की गई। सूचना मिलते ही उपजिलाधिकारी सदर महेंद्र सिंह एवं उपजिलाधिकारी चुनार राजेश कुमार वर्मा ने पुलिस कंट्रोल रूम सहित स्वास्थ्य, पुलिस एवं पशुपालन विभाग को अलर्ट कर राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया।

मॉक ड्रिल के दौरान छह नावों के माध्यम से राहत एवं बचाव कार्य का प्रदर्शन किया गया। बचाए गए लोगों को स्टेजिंग एरिया में लाकर मेडिकल टीम द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। एसडीआरएफ की टीम ने सदर तहसील में नाव दुर्घटना में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने का प्रदर्शन किया, जबकि 36वीं वाहिनी पीएसी ने चुनार क्षेत्र में डूबे व्यक्तियों की तलाश एवं प्राथमिक उपचार संबंधी अभ्यास किया।

अभ्यास के दौरान बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में दवा वितरण, कीटनाशक छिड़काव, स्वास्थ्य सेवाओं एवं पशुओं की देखभाल की व्यवस्थाओं का भी प्रदर्शन किया गया। साथ ही बसंत इंटरमीडिएट कॉलेज, सदर में मॉडल बाढ़ राहत शिविर स्थापित कर राहत प्रबंधन की तैयारियों को परखा गया।

शिविर में पुरुषों एवं महिलाओं के लिए अलग-अलग आवासीय व्यवस्था, महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती, सामुदायिक रसोई, मोबाइल टॉयलेट, स्वच्छ पेयजल एवं कूलर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।

मॉक ड्रिल में एसडीआरएफ, 36वीं वाहिनी पीएसी, अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग, आपदा मित्र, एनसीसी कैडेट्स तथा अन्य विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया। बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने भी उपस्थित होकर आपदा प्रबंधन संबंधी जानकारी प्राप्त की।

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