पीरियड्स में संक्रमण से बचने के लिए हर 4 से 6 घंटे में जरूर बदलें सेनेटरी पैड : डॉ. सुषमा सिंह

रैली निकालते महिला स्वास्थ्य कर्मचारी व डॉक्टर

जिला महिला चिकित्सालय में विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस पर जागरूकता रैली व गोष्ठी आयोजित, किशोरियों को दी गई विशेष जानकारियां

लखीमपुर - खीरी, 28 मई (हि.स.)। महिलाओं और किशोरियों को माहवारी (पीरियड्स) के दौरान स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से गुरुवार काे जिला महिला चिकित्सालय लखीमपुर खीरी में विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस के अवसर पर एक विशेष जागरूकता रैली एवं संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस रैली का शुभारंभ प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधीक्षिका डॉ. सुषमा सिंह द्वारा हरी झंडी दिखाकर किया गया। मुख्य चिकित्सा अधीक्षिका डॉ. सुषमा सिंह ने किशोरियों को प्रेरित करते हुए कहा कि माहवारी कोई शर्म या संकोच का विषय नहीं है, बल्कि यह महिला स्वास्थ्य से जुड़ा एक अत्यंत महत्वपूर्ण और स्वाभाविक हिस्सा है।

मुख्य चिकित्सा अधीक्षिका डॉ. सुषमा सिंह ने कहा कि संक्रमण और गंभीर बीमारियों से बचने के लिए हर 4 से 6 घंटे में सेनेटरी पैड को जरूर बदलना चाहिए, चाहे ब्लीडिंग कम ही क्यों न हो। रैली के दौरान अस्पताल परिसर और आसपास के क्षेत्रों में भ्रमण कर अर्श काउंसलर दीपमाला के नेतृत्व में किशोरियों को स्वच्छता अपनाने का प्रभावी संदेश दिया गया।

गोष्ठी को संबोधित करते हुए डॉ. अंजली ने उपस्थित किशोरियों एवं अन्य महिलाओं को माहवारी के दिनों में रखी जाने वाली अनिवार्य स्वच्छता और इस दौरान बरती जाने वाली लापरवाही से होने वाली गंभीर बीमारियों व इंफेक्शन के बारे में विस्तार से जागरूक किया। इसके साथ ही, अस्पताल की किशोरी स्वास्थ्य काउंसलर दीपमाला द्वारा इस वर्ष के कार्यक्रम की विशेष थीम एक साथ पीरियड्स के अनुकूल संसार पर विस्तृत चर्चा की गई और किशोरियों को माहवारी के दिनों में बेहतर स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए आवश्यक पोषण संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां व डाइट चार्ट के बारे में भी बताया गया।

कार्यक्रम में विशेषज्ञों द्वारा किशोरियों को भविष्य में गंभीर शारीरिक बीमारियों से बचे रहने के लिए कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सावधानियां बरतने की सलाह दी गई। महिलाओं को जागरूक करते हुए बताया गया कि मासिक धर्म के दिनों में पूरी तरह साफ और सूती अंतःवस्त्रों का ही उपयोग करना चाहिए। जननांगों की सफाई के लिए किसी भी प्रकार के केमिकल युक्त साबुन या सेंटेड प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल न करके केवल साफ गुनगुने पानी का प्रयोग करना चाहिए। इसके अलावा, पर्यावरण और स्वच्छता का ध्यान रखते हुए इस्तेमाल किए गए पैड को कभी भी खुले में या टॉयलेट में न फेंककर उसे कागज या अखबार में लपेटकर हमेशा कूड़ेदान में ही डालना चाहिए। डॉक्टरों ने यह भी सलाह दी कि शरीर में खून की कमी (एनीमिया) न हो, इसके लिए हरी पत्तेदार सब्जियां, फल, दूध, अंकुरित अनाज और आयरन से भरपूर संतुलित भोजन लेना बेहद जरूरी है। इस कार्यक्रम में सुष्मिता वर्मा, प्रियंका तिवारी, शिखा श्रीवास्तव, अजीत वर्मा और सिम्मी सहित चिकित्सालय के तमाम स्वास्थ्यकर्मी, अग्रिम पंक्ति की कार्यकर्ता और भारी संख्या में किशोरियां व महिलाएं मौजूद रहीं।

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