संस्कृत भारतीय संस्कृति और ज्ञान की आधारशिला — डॉ. पालीवाल
- DSS Admin
- May 12, 2026
उदयपुर, 12 मई (हि.स.)। संस्कृतभारती चित्तौड़ प्रांत की श्लोक पाठन प्रमुख डॉ. रेनू पालीवाल ने कहा कि संस्कृत केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, ज्ञान और संस्कारों की आधारशिला है। संस्कृत सभी भाषाओं की जननी है तथा इसे जन-जन तक पहुंचाने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। वे संस्कृतभारती उदयपुर महानगर द्वारा आयोजित संस्कृत संभाषण शिविर के समापन समारोह को संबोधित कर रही थीं। समारोह राजकीय वरिष्ठ उपाध्याय संस्कृत विद्यालय, गोखर मंगरी में उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारम्भ वैदिक मंत्रोच्चारण, दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती पूजन के साथ हुआ। महिपाल चौहान ने अतिथियों का परिचय एवं स्वागत किया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि संस्कृतभारती महानगर के पत्राचार प्रमुख चैनशंकर दशोरा एवं विभाग संयोजक दुष्यंत नागदा उपस्थित रहे। अध्यक्षता विद्यालय के प्रधानाचार्य मानसिंह कुशवाहा ने की। स्वागत गीत रेखा, वर्षा, यशोदा एवं डाली द्वारा प्रस्तुत किया गया। संस्कृत भारती की परंपरा अनुसार बालक शिवा ने ध्येय मंत्र का उच्चारण किया, वहीं बालिकाओं ने संभाषण गीत प्रस्तुत कर वातावरण को संस्कृतमय बना दिया। विद्यार्थियों की संस्कृत भाषा में प्रस्तुतियों ने सभी को प्रभावित किया।चैनशंकर दशोरा ने कहा कि संस्कृत आज शिक्षा, आयुर्वेद, योग, विज्ञान एवं तकनीकी जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। विभाग संयोजक दुष्यंत नागदा ने संस्कृत के प्रचार-प्रसार के विभिन्न माध्यमों पर प्रकाश डाला। अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रधानाचार्य मानसिंह कुशवाहा ने संस्कृतभारती के कार्यों की सराहना करते हुए विद्यार्थियों को संस्कृत अध्ययन के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का संचालन विस्तारक गौरव साहू ने किया। उन्होंने बताया कि 3 जून रात्रि से 8 जून 2026 प्रातः तक विद्यानिकेतन बालिका विद्यालय सेक्टर-4 में भाषाबोधन आवासीय वर्ग का आयोजन होगा।इस अवसर पर व्यवस्थापक जयेश भट्ट, धीरज जोशी, हितेश चंद्र जैन, अभय मीणा, मंजू रजक एवं निशा पालीवाल सहित अनेक संस्कृत प्रेमी उपस्थित रहे।

