बीएचयू में डॉ. भगवान दास की स्मृति में एलएलएम के मेधावी विद्यार्थी के लिए भी स्वर्ण पदक
- DSS Admin
- May 18, 2026
—डॉ. भगवान दास के परिजनों ने विश्वविद्यालय को दी दस लाख रुपये की दानराशि
वाराणसी, 18 मई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में वाराणसी स्थित काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू ) शिक्षाविद्, भारत रत्न डॉ. भगवान दास की स्मृति में एक स्वर्ण पदक स्थापित करेगा। डॉ. भगवान दास ने महामना पंडित मदन मोहन मालवीय तथा एनी बेसेंट के साथ मिलकर भारत की शिक्षा व्यवस्था को दिशा देने और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया था।
सोमवार को डॉ. भगवान दास के प्रपौत्र डॉ. पुष्कर रंजन तथा समीर कांत ने इस स्वर्ण पदक की स्थापना के लिए विश्वविद्यालय को दस लाख रुपये की दानराशि प्रदान की है। उन्होंने केंद्रीय कार्यालय में कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी से भेंट कर उन्हें धनराशि का चेक सौंपा। यह स्वर्ण पदक विधि संकाय के मानवाधिकार एवं कर्तव्य शिक्षा, एलएलएम पाठ्यक्रम के एक मेधावी विद्यार्थी को प्रदान किया जाएगा। इस अवसर पर कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि डॉ. भगवान दास की विरासत आज भी सभी को प्रेरित करती है तथा काशी हिन्दू विश्वविद्यालय परिवार को डॉ भगवान दास के विश्वविद्यालय से घनिष्ठ एवं दीर्घकालिक जुड़ाव पर गर्व की अनुभूति होती है। विश्वविद्यालय परिसर में उनके नाम पर एक छात्रावास भी स्थापित है, जो उनकी स्मृति को चिरस्थायी बनाता है। डॉ. भगवान दास को वर्ष 1955 में राष्ट्र के प्रति उनके उत्कृष्ट सामाजिक, राजनीतिक एवं साहित्यिक योगदान के लिए भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया था। कुलपति ने स्वर्ण पदक की स्थापना के लिए योगदान को एक “श्रेष्ठ उद्देश्य” के लिए की गई “स्वागतयोग्य पहल” बताते हुए विश्वविद्यालय की ओर से आभार व्यक्त किया। उन्होंने डॉ. भगवान दास के जीवन और कार्यों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रसंगों का उल्लेख करते हुए महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ की स्थापना में उनके योगदान को भी स्मरण किया।
डॉ. पुष्कर रंजन तथा समीर कांत ने भी डॉ. भगवान दास के व्यक्तित्व और कृतित्व पर चर्चा करते हुए परिवार से जुड़े अनेक संस्मरण साझा किए। उन्होंने डॉ. भगवान दास की डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, पंडित जवाहरलाल नेहरू तथा सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे राष्ट्रीय नेताओं के साथ दुर्लभ तस्वीरें भी प्रस्तुत कीं। डॉ. पुष्कर रंजन चिकित्सा विज्ञान संस्थान, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के एनेस्थिसियोलॉजी विभाग के सेवानिवृत्त प्रोफेसर हैं। इस दौरान प्रो. सी. पी. उपाध्याय, संकाय प्रमुख, विधि संकाय, मनोज पाण्डेय, वित्त अधिकारी तथा डॉ. आनन्द विक्रम सिंह, उप कुलसचिव (विकास) भी उपस्थित रहे।

