उप्र कैबिनेट : प्राधिकरण क्षेत्रों में जिला पंचायतों से स्वीकृत मानचित्रों के विनियमतीकरण को मंजूरी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विभागीय मंत्रियों के साथ कैबिनेट बैठक करते हुए

- महायोजना विहीन क्षेत्रों में मानचित्र स्वीकृति के लिए बनेगी एसओपी

लखनऊ, 03 जून (हि.स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बुधवार काे कैबिनेट बैठक में योगी कैबिनेट ने विकास प्राधिकरण क्षेत्रों में जिला पंचायतों द्वारा स्वीकृत किए गए मानचित्रों के विनियमतीकरण तथा विकास क्षेत्र, विस्तारित विकास क्षेत्र एवं विनियमित क्षेत्रों में, जहां अभी महायोजना तैयार नहीं है, वहां मानचित्र स्वीकृति के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) निर्धारित किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की है। इसके साथ ही जन सरोकार को केन्द्र बिंदु को ध्यान में रखते हुए योगी सरकार ने बंदियों की अप्राकृतिक मृत्यु पर मुआवजा नीति को मंजूरी, आश्रितों को समयबद्ध व त्वरित सहायता, मोहनलालगंज में नया उप निबंधक कार्यालय, 25 जिलों में मक्का खरीद नीति को मंजूरी, राज्य विधि अधिकारियों की फीस बढ़ाने के प्रस्ताव को स्वीकृति, 1460 करोड़ रुपये से पांच नए जिला कारागारों का निर्माण के प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई।

कैबिनेट की बैठक में लगे प्रस्तावों के बारे में वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि विकास प्राधिकरण क्षेत्रों को लेकर में प्रदेश सरकार ने अहम फैसले लिए हैं। इस

निर्णय से लंबे समय से लंबित एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक और विकासात्मक समस्या का समाधान होगा। विकास प्राधिकरण क्षेत्रों में जिला पंचायतों द्वारा पूर्व में स्वीकृत किए गए मानचित्रों की वैधता को लेकर जो प्रश्न उठ रहे थे, उन्हें विनियमतीकरण के माध्यम से दूर किया जा सकेगा। इससे आम नागरिकों, भू-स्वामियों और निर्माणकर्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी। कैबिनेट के निर्णय के अनुसार जिन विकास क्षेत्रों, विस्तारित विकास क्षेत्रों अथवा विनियमित क्षेत्रों की महायोजना अभी तैयार नहीं हुई है, वहां मानचित्र स्वीकृति के लिए एक स्पष्ट और मानकीकृत प्रक्रिया निर्धारित की जाएगी। इससे ऐसे क्षेत्रों में भी निर्माण कार्यों को नियमानुसार स्वीकृति मिल सकेगी और अनिश्चितता की स्थिति समाप्त होगी।

प्रदेश सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस मानक संचालन प्रक्रिया को लागू करने से राज्य सरकार पर किसी प्रकार का अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं आएगा। वहीं इसके माध्यम से शहरी क्षेत्रों में सुनियोजित एवं सुव्यवस्थित विकास को बढ़ावा मिलेगा तथा निर्माण गतिविधियों में पारदर्शिता और सुगमता आएगी।

बंदियों की अप्राकृतिक मृत्यु पर मुआवजा नीति को मंजूरी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश के कारागारों में निरुद्ध बंदियों की अप्राकृतिक मृत्यु के मामलों में मृतक बंदियों के आश्रितों अथवा निकटस्थ परिजनों को मुआवजा भुगतान के लिए उत्तर प्रदेश बंदी मृत्यु एवं मुआवजा भुगतान नीति बनाए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई।

नई नीति का उद्देश्य बंदियों के मानवाधिकारों की रक्षा, कारागार प्रशासन में पारदर्शिता तथा पीड़ित परिवारों को समयबद्ध राहत सुनिश्चित करना है। वर्तमान में बंदियों की अप्राकृतिक मृत्यु के मामलों में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, नई दिल्ली की संस्तुतियों के आधार पर मुआवजा भुगतान की व्यवस्था प्रचलित है।

मोहनलालगंज में बनेगा नया उप निबंधक कार्यालय कैबिनेट ने जनपद लखनऊ के मोहनलालगंज में नए उप निबंधक कार्यालय के निर्माण के लिए भूमि हस्तांतरण के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इस निर्णय से क्षेत्रीय नागरिकों को भूमि, भवन, विवाह, किरायानामा, गिफ्ट डीड तथा अन्य दस्तावेजों के पंजीकरण संबंधी सेवाएं और अधिक सुविधाजनक और व्यवस्थित ढंग से उपलब्ध हो सकेंगी।

कैबिनेट के निर्णय के अनुसार ग्राम मऊ, परगना एवं तहसील मोहनलालगंज स्थित कुल 953 वर्गमीटर भूमि राजस्व विभाग से स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग को हस्तांतरित की जाएगी। इस भूमि पर आधुनिक सुविधाओं से युक्त उप निबंधक कार्यालय भवन का निर्माण किया जाएगा, जिसमें सब-रजिस्ट्रार कक्ष, रजिस्ट्रेशन कक्ष, अभिलेखागार, प्रतीक्षालय, पेयजल एवं महिला-पुरुष शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। प्रदेश सरकार के अनुसार स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग राज्य का प्रमुख राजस्व अर्जित करने वाला विभाग है और प्रतिवर्ष लगभग 50 लाख विलेखों का पंजीकरण करता है।

मक्का खरीद नीति को मंजूरी, 15 जून से 31 जुलाई तक 25 जिलों में होगी एमएसपी पर खरीदकैबिनेट बैठक में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 (रबी फसल) के लिए मूल्य समर्थन योजना के अंतर्गत मक्का खरीद नीति को मंजूरी प्रदान की गई। सरकार ने मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2400 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। कैबिनेट के निर्णय के अनुसार प्रदेश में मक्का खरीद 15 जून 2026 से 31 जुलाई 2026 तक की जाएगी।

इसके लिए फिरोजाबाद, आगरा, मैनपुरी, अलीगढ़, कासगंज, हाथरस, एटा, बदायूं, शाहजहांपुर, रामपुर, संभल, बुलंदशहर, हापुड़, कानपुर नगर, औरैया, इटावा, कन्नौज, फर्रुखाबाद, हरदोई, उन्नाव, बहराइच, बलिया, गोंडा, फतेहपुर और मिर्जापुर कुल 25 जनपदों में 150 क्रय केंद्र स्थापित किए जाएंगे। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए प्रदेश में 25 हजार मीट्रिक टन मक्का खरीद का कार्यकारी लक्ष्य निर्धारित किया गया है। किसानों से खरीद कंप्यूटरीकृत सत्यापित खतौनी, आधार कार्ड एवं फोटोयुक्त पहचान पत्र के आधार पर की जाएगी।

इसके साथ ही भूमि और बोए गए रकबे का सत्यापन भूलेख पोर्टल से ऑनलाइन कराया जाएगा। किसानों के आधार लिंक एवं एनपीसीआई मैप्ड बैंक खातों में यथासंभव 48 घंटे के भीतर हस्तांतरित किया जाएगा।

राज्य विधि अधिकारियों की फीस बढ़ाने के प्रस्ताव को स्वीकृति बैठक में राज्य विधि अधिकारियों को दी जाने वाली रिटेनरशिप एवं प्रति सुनवाई फीस में वृद्धि के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई। यह निर्णय उत्तर प्रदेश सरकार से संबंधित मुकदमों और वादों की प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है।

प्रदेश सरकार की ओर से विभिन्न जिला न्यायालयों, इलाहाबाद उच्च न्यायालय, लखनऊ खंडपीठ तथा उच्चतम न्यायालय, नई दिल्ली में आबद्ध राज्य विधि अधिकारी राज्य के हितों की रक्षा और प्रभावी विधिक प्रतिनिधित्व का महत्वपूर्ण दायित्व निभाते हैं। वर्तमान में उन्हें देय रिटेनरशिप एवं बहस शुल्क का निर्धारण 10 से 15 वर्ष पूर्व जारी शासनादेशों के आधार पर किया जा रहा था। बदलते समय, बढ़ती पेशेवर जिम्मेदारियों और न्यायिक प्रक्रियाओं की जटिलताओं को देखते हुए राज्य सरकार ने इन शुल्कों में वृद्धि का निर्णय लिया है। योगी सरकार के इस फैसले से अनुभवी एवं दक्ष अधिवक्ताओं को प्रोत्साहन मिलेगा।

1460 करोड़ रुपये से पांच नए जिला कारागारों का होगा निर्माण कैबिनेट बैठक में प्रदेश के पांच जनपदों- मुरादाबाद, कानपुर नगर, औरैया, ललितपुर और भदोही में नवीन जिला कारागारों के निर्माण की परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान की गई। इन परियोजनाओं पर 1460 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आएगी। सरकार का उद्देश्य कारागारों में भीड़भाड़ कम करना, बंदियों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना तथा कारागार प्रशासन को अधिक आधुनिक और व्यवस्थित बनाना है।

निर्णय के अनुसार, मुरादाबाद में 2000 बंदी क्षमता का नया जिला कारागार 386.91 करोड़ रुपये की लागत से, कानपुर नगर में 2030 बंदी क्षमता का कारागार 384.05 करोड़ रुपये की लागत से तथा औरैया में 1056 बंदी क्षमता का कारागार 264.96 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित किया जाएगा। इसी प्रकार ललितपुर में 552 बंदी क्षमता की नई जेल 225.06 करोड़ रुपये तथा भदोही में 574 बंदी क्षमता की नई जेल 209.18 करोड़ रुपये की लागत से बनाई जाएगी। नए कारागारों के निर्माण से बंदियों के आवास, सुरक्षा, स्वास्थ्य और सुधारात्मक गतिविधियों के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध होगा।

इन प्रस्तावों को भी मिली मंजूरीझांसी में गोआश्रय और पशु सेवा केंद्र के लिए एमओयू को मंजूरी, पशुपालन विभाग की 5 एकड़ भूमि पर निजी संस्था के सहयोग से पशु कल्याण गतिविधियां संचालित होंगी। कानपुर में ईएसआई अस्पतालों के हस्तांतरण को मंजूरी, राज्य सरकार द्वारा संचालित पांडुनगर अस्पताल भारत सरकार को और भारत सरकार द्वारा संचालित जाजमऊ अस्पताल राज्य सरकार को सौंपा जाएगा।

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