स्मार्ट इलेक्ट्रॉनिक्स व इंटेलिजेंट सिस्टम्स विषय पर दी जानकारी

पौड़ी गढ़वाल, 18 मई (हि.स.)। गोविंद बल्लभ पंत अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान घुड़दौडी में स्मार्ट इलेक्ट्रॉनिक्स एवं इंटेलिजेंट सिस्टम्स, डिजाइन, एप्लीकेशन्स एंड फ्यूचर चैलेंजेज विषय पर छह दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का सोमवार को शुभारंभ हुआ। यह कार्यक्रम जीबीपीआईईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स एंड आईसीटी अकादमी, आईआईआईटीडीएम जबलपुर के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है।

यह फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा वित्तपोषित है।

सोमवार को कार्यक्रम में मुख्य अतिथि तकनीकी शिक्षा के सचिव डा. रंजीत कुमार सिन्हा ने तकनीकी शिक्षा में नवाचार, अनुसंधान, आधुनिक तकनीकों के महत्व पर बल देते हुए कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स एवं स्मार्ट इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी तकनीकें भविष्य की दिशा निर्धारित करेंगी।

उन्होंने शिक्षकों एवं शोधार्थियों से अपेक्षा व्यक्त की कि वे इन उभरती तकनीकों को शिक्षण, शोध एवं व्यावहारिक अनुप्रयोगों से जोड़कर समाजोपयोगी समाधान विकसित करें।

विशिष्ट अतिथि प्रो. प्रगति कुमार ने बहुविषयी अनुसंधान एवं तकनीकी नवाचार को समय की आवश्यकता बताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में इलेक्ट्रॉनिक्स, कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं स्मार्ट सिस्टम्स का समन्वय उद्योग एवं समाज दोनों के लिए नए अवसर पैदा कर रहा है। उन्होंने शिक्षकों एवं शोधार्थियों को नई तकनीकों को अपनाने और शोध-आधारित शिक्षण को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया। संस्थान के निदेशक डॉ. वीके बंगा ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि इस प्रकार के फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम शिक्षकों एवं शोधार्थियों के ज्ञान और कौशल विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम अकादमिक एवं औद्योगिक जगत के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हैं तथा विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार करने में सहायक सिद्ध होते हैं।

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग के विभागाध्यक्ष डा. एमके अग्रवाल ने कहा कि स्मार्ट इलेक्ट्रॉनिक्स एवं इंटेलिजेंट सिस्टम्स वर्तमान तकनीकी युग की महत्वपूर्ण आवश्यकता हैं। उन्होंने बताया कि यह एफडीपी प्रतिभागियों को उभरती तकनीकों की गहन समझ प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें व्यावहारिक अनुप्रयोगों एवं शोध की नई दिशाओं से भी परिचित कराएगा।

कार्यक्रम के समंवयक डा. मनोज कुमार, डा. आज्ञा राम वर्मा, डा. संदीप कुमार, डा. पुष्कर प्रवीण ने कार्यक्रम की रूपरेखा एवं उद्देश्यों की जानकारी दी। बताया कि छह दिवसीय एफडीपी के दौरान प्रतिभागियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, एम्बेडेड सिस्टम्स, सेमीकंडक्टर डिवाइस डिजाइन, इंटरनेट ऑफ थिंग्स एवं स्मार्ट सिस्टम्स जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञ व्याख्यान एवं हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इस मौके पर विभिन्न संस्थानों से आए प्रतिभागी, शिक्षक, शोधार्थी एवं उद्योग विशेषज्ञ आदि शामिल रहे।

   

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