विष्णुप्रयाग झूला पुल के बनने का इंतजार, बद्रीनाथ व हेमकुंड साहिब यात्रा होगी आसान

झूला पुल

ज्योतिर्मठ, 13 मई (हि.स.)। ज्योतिर्मठ-बद्रीनाथ राष्ट्रीय राज मार्ग पर प्रथम प्रयाग विष्णु प्रयाग मे निर्मित झूला पुल कभी श्री बद्रीनाथ एवं श्री हेमकुण्ड साहिब-लोकपाल यात्रा के लिए संजीवनी साबित हुआ था, यह झूला पुल छः वर्ष पूर्व वर्ष 2021की रैणी-तपोवन जल प्रलय आपदा के दौरान ही ध्वस्त हुआ था जो आज तक नहीं बन सका।

बद्रीनाथ व हेमकुण्ड साहिब यात्रा के आकस्मिक समय के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण इस झूला पुल के महत्व को आखिर क्यों नजरअंदाज किया जा रहा है। 2021 मे आपदा की भेंट चढ़े इस झूला पुल के निर्माण के लिए समय पर जिलाधिकारी से लेकर लोनिवि मंत्री एवं मुख्यमंत्री तक गुहार लगाई गई लेकिन नतीजा सिफर ही रहा। दरसअल जोशीमठ की तलहटी पर मारवाड़ी पुल से लेकर विष्णु प्रयाग पुल तक का सड़क मार्ग बेहद संवेदनशील है, यहाँ कभी सड़क ध्वस्त होती है तो कभी चट्टान टूटने से मार्ग अवरुद्ध हो जाता है।

वर्ष 2013 से 2017 के बीच ठीक यात्रा काल मे ही इसी एरिया मे एक बार सड़क वास आउट हुई थी तो दूसरी बार हाथी पहाड़ से टूटी विशालकाय चट्टान ने पूरी सड़क को ही जमींदोज कर दिया था, तब बद्रीनाथ एवं हेमकुण्ड साहिब मे फंसे हजारों श्रद्धालुओं को सेना व आईटीबीपी की मदद से विष्णुप्रयाग झूला पुल से पैदल मार्ग से जोशीमठ पहुंचाया गया।

इस दौरान तो कई श्रद्धालुओं ने बद्रीनाथ की ओर फँसे अपने दुपहिया वाहनों को मजदूरों के जरिए पैदल मार्ग से जोशीमठ तक पहुँचाया। मारवाड़ी से विष्णु प्रयाग पुल के बीच राष्ट्रीय राज मार्ग की स्थिति आज भी कुछ ठीक नहीं है, अलकनंदा नदी के बहाव से कुछ स्थानों पर सड़क का हिस्से वास आउट हुए हैं, जिनकी मरम्मत का कार्य चल रहा है, तो हाथी पहाड़ के दरकने का भी भय बना रहता है, यदि पूर्व वर्षो की भांति हाथी पहाड़ एरिया मे सड़क अवरुद्ध हुई तो झूला पुल के अभाव मे यात्रियों को पैदल मार्ग से सुरक्षित पहुँचाने का त्वरित विकल्प भी नहीं है।

पूर्व वर्षों की घटनाओं का संज्ञान लेते हुए आखिर विष्णु प्रयाग झूला पुल निर्माण को लेकर क्यों हीलाहवाली हो रही है, यह समझ से परे है। यदि समय रहते झूला पुल का निर्माण नहीं हुआ तो यह हजारों श्रद्धालुओं के लिए भी परेशानी का सबब बन सकता है।

लोनिवि के अधिशासी अभियंता नवीन ध्यानी के अनुसार विष्णु प्रयाग झूला पुल निर्माण का एस्टीमेट शासन को भेजा गया है, स्वीकृति मिलने पर पुल निर्माण किया जा सकेगा।

   

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