हरिद्वार, 03 जून (हि.स.)। हरिद्वार स्थित शांतिकुंज के युवा प्रतिनिधि एवं देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या जन्मशताब्दी वर्ष के वैश्विक संदेश हेतु विदेश प्रवास के क्रम में कनाडा पहुंचे। जहां उन्होंने प्रवासी भारतीयों एवं कनाडा के स्थानीय नागरिकों के मध्य भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक मूल्यों तथा मानवीय चेतना के प्रसार के उद्देश्य से विभिन्न आयोजनों में सहभागिता की।
शांतिकुंज हरिद्वार के मीडिया प्रभाग द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार प्रवास के दौरान बुधवार को कनाडा के प्रमुख प्रांत ओंटारियो ने डॉ. चिन्मय पण्ड्या को उनके समाजोपयोगी योगदान एवं मानवीय सेवा कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। यह विशेष सम्मान ओंटारियो के संसद की ओर से प्रदान किया गया। इस अवसर पर सरकार के प्रतिनिधि सांसद शरेफ सबावे ने कहा कि डॉ. पण्ड्या का समाज के प्रति असाधारण समर्पण, अनुकरणीय सेवा और उत्कृष्ट नेतृत्व प्रेरणादायी है। उनके मार्गदर्शन एवं प्रयासों ने असंख्य लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य किया है।
प्रवास के दौरान डॉ. पण्ड्या ने स्वामीनारायण सम्प्रदाय कनाडा के अध्यक्ष गुणसागरदास स्वामी से भी भेंट की। स्वामी जी ने गायत्री परिवार को जन्मशताब्दी वर्ष की शुभकामनाएँ दी और भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों के प्रसार में गायत्री परिवार के योगदान की सराहना की। मिस्सीसागा स्थित मिस्सीसागा वैली कम्युनिटी सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में डॉ. पण्ड्या ने ओंटारियो राज्य की गायत्री परिवार शाखाओं टोरंटो, वेस्टर्न ओंटारियो एवं कनाडा दिया के कार्यकर्ताओं और युवाओं को जन्मशताब्दी वर्ष और हमारी भूमिका विषय पर मार्गदर्शन किया। उपस्थित परिजनों ने संगठनात्मक एवं वैचारिक विषयों से जुड़ी अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।

