- स्टैच्यू ऑफ यूनिटी केवल पर्यटन स्थल नहीं, राष्ट्रभक्ति और एकता की प्रेरणाभूमि है : गजेंद्र सिंह शेखावत
राजपीपला, 12 मई (हि.स.)। भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय द्वारा नर्मदा जिले के एकतानगर में आयोजित “वैश्विक मानकों के अनुरूप पर्यटन स्थलों के विकास” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय परामर्श कार्यशाला में शामिल होने पहुंचे केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्रसिंह शेखावत और केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने मंगलवार को विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का दौरा कर लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यशाला के दूसरे दिन दोनों मंत्री स्टैच्यू ऑफ यूनिटी परिसर पहुंचे, जहां उन्होंने सरदार पटेल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद वे व्यूइंग गैलरी तक पहुंचे और वहां से सरदार सरोवर नर्मदा बांध, आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों और नर्मदा नदी के मनोहारी दृश्यों का अवलोकन किया। उन्होंने एकतानगर में विकसित विश्वस्तरीय पर्यटन सुविधाओं की सराहना भी की।
केंद्रीय मंत्री गजेंद्रसिंह शेखावत ने विजिटर बुक में अपने विचार लिखते हुए कहा कि सरदार पटेल ने बिखरी हुई रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर अखंड भारत का निर्माण किया था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से निर्मित यह प्रतिमा राष्ट्र की ओर से महान विभूति को सच्ची श्रद्धांजलि है।
मीडिया से बातचीत में शेखावत ने कहा कि सरदार पटेल की दूरदृष्टि और अदम्य इच्छाशक्ति के कारण ही आज देश एकजुट होकर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि स्टैच्यू ऑफ यूनिटी केवल विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा नहीं, बल्कि देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रप्रेम का जीवंत प्रतीक है। यहां आने वाला हर व्यक्ति देशभक्ति की भावना से प्रेरित होता है।
केंद्रीय राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने कहा कि सरदार पटेल ने भारत को एकता के सूत्र में बांधने का ऐतिहासिक कार्य किया था, जिसके लिए पूरा देश सदैव उनका ऋणी रहेगा। उन्होंने कहा कि स्टैच्यू ऑफ यूनिटी आकर उन्हें गर्व और गौरव की अनुभूति हुई है। साथ ही उन्होंने देशवासियों से इस प्रेरणास्थल की यात्रा कर सरदार पटेल के आदर्शों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के उप वन संरक्षक प्रसाद रवि राधाकृष्ण ने दोनों केंद्रीय मंत्रियों का स्वागत कर उन्हें सरदार पटेल की प्रतिकृति भेंट की।
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