विधानसभा में पाइपलाइन परियोजना पर हंगामा, विधायक सीपी सिंह ने सरकार को घेरा

रांची, 22 मार्च (हि.स.)। झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में शनिवार को भाजपा विधायक सीपी सिंह ने राजधानी रांची में पाइपलाइन बिछाने के कार्य को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि एलएनटी नागार्जुन एवं अन्य एजेंसियों द्वारा पाइपलाइन बिछाने के दौरान अच्छी सड़कों और नालियों को तोड़ दिया गया, लेकिन मरम्मत का काम नहीं हुआ। इससे राजधानीवासियों को भारी परेशानी हो रही है। कई इलाकों में पांच साल पहले पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है, लेकिन अब तक पेयजल आपूर्ति शुरू नहीं हुई है।

इस पर मंत्री सुदिव्य सोनू ने सफाई देते हुए कहा कि योजनाओं को धरातल में उतारने में कई समस्याएं आती हैं। हरमू के जलमीनार को लेकर भी आपत्ति हुई। इस तरह विलंब हो जाता है। एनएचएआई से क्रांसिंग का एनओसी लेना काफी जटिल काम है। क्याेंकि यह भारत सरकार के अधीन आता है।

सीपी सिंह से कहा कि आप भी अपनी विधायी ताकत का इस्तेमाल करें। इस पर सीपी सिंह ने कहा कि मैंने जो पूछा उसे पचा गए। मैं पचने नहीं दूंगा। जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में एनएचएआई से चर्चा हुई थी, लेकिन काेई समाधान नहीं मिला।

सीपी सिंह ने कहा कि जुडको की कारस्तानी के कारण सड़क चलने लायक नहीं है। यह अपंग संस्था है। नाली या सड़क को तोड़ा गया, उसे ठीक करें। कालीकरण सड़क पर पीसीसी कर दिया गया है। लगता है भारत-पाकिस्तान का बंटवारा हो गया है। एनएचएआइ को जोड़कर मुहल्लों और बाइलेन का काम कब पूरा होगा।

मंत्री ने कहा कि 10 किलोमीटर में राइडिंग पाइप के लिए एनएचएआइ से एनओसी नहीं मिलने के कारण लंबित है। जल्द पूरा करने का प्रयास करेंगे। जुडको मेरा नहीं कभी आपका भी था। आपके समय भी उसी गति से चलता था।

फर्जी कागजात के आधार पर जमीन का हो रहा बंदरबांटः उमाकांत

विधायक उमाकांत रजक ने चास के तेतुलिया में जमीन का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि 21.41 एकड़ झाड़ जगंल की जमीन पर 31 साल बाद दावा किया गया है। फर्जी कागज के आधार पर बंदरबांट हो रहा है। इसने दावा किया उस समय उसकी उम्र नौ साल थी। जिला प्रशासन ने सूट दायर नहीं किया। बोकारो डीसी ने इस जमीन को प्रतिबंधित सूची से हटा दिया।

इस पर मंत्री दीपक बिरुवा ने कहा कि वन विभाग सूट के लिए कोर्ट गया है। विस्तृत जांच के लिए कमेटी बनी थी। कोई ऐसा आरोप नहीं पाया गया। इसलिए कार्रवाई नहीं हुई। सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट का निर्णय सरकार के विरुद्ध आया है। सीओ निर्मल टोप्पो को बर्खास्त किया गया है। इस पर तीन महीने के अंदर समीक्षा कर, जो उपाए करना होगा वो करेंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे

   

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