गांव में सड़क और तालाब किनारे लगे छिंद पेड़ से हो रही ग्रामीणों को आमदनी
- DSS Admin
- May 18, 2026

धमतरी, 18 मई (हि.स.)। ग्रामीण क्षेत्रों सड़क और तालाब किनारे लगे छिंद पेड़ आमदनी का जरिया बना हुआ है। गर्मी के मौसम में इन दिनों बाजार में इसकी आवक भी शुरू हो गई है। धमतरी जिले के कई गांव में इसकी बहुतायत में आवक हाे रही है। बाजार में इसकी कीमत 60 रुपये किलो है।
ताड़ प्रजाति के छिंद खासकर समीप के ग्राम देवरी - सिहाद में काफी अधिक मात्रा में है। जिसका अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि यहां छिंद नाम से एक तालाब भी है। इसके अलावा यहां के सबसे बडे़ तालाब के चारों ओर छिंद के पेड़ है। छिंद से झाडू, चटाई इत्यादि बनाया जाता है। जिसके चलते ग्राम देवरी-सिहाद में ग्राम पंचायत द्वारा छिंद के इन पेडों की पत्तियों की कटाई के लिए ठेका दिया जाता है। जिससे ग्राम पंचायत को आमदनी भी होती है। इसके अलावा कुर्रा नाला के पार में भी छिंद पेड़ों की बहुलता है। इन पेड़ों में अभी फल लगा हुआ है।
उल्लेखनीय है कि छिंद एक सदाबहार पेड़ है। इसमें पतझड़ का प्रभाव नहीं पडता है। बारिश के दिनों में छिंद की पत्तियों में पानी नहीं ठहरता है। बारिश के मौसम में बया पक्षी इस पेड़ में घोंसला बनाती है। डायटिशियन पुष्पेंद्र साहू ने बताया कि खजूर की तरह छिंद भी फायदेमंद है। इसमें, कैल्शियम की भरपूर मात्रा होती है। इसलिए कमजोर बच्चों को छिंद खिलाने से फायदा मिलता है। छिंद में प्रोटीन का फाइवर की मात्रा भी काफी अधिक होती है। जिससे कब्ज की समस्या दूर हो जाती है। इसलिए, कब्जा की शिकायत होने पर इसका सेवन करना चाहिए। इससे विटामिन एवं कापर भी पाया जाता है। इसलिए सभी दृष्टि से इसका सेवन फायदेमंद है।

