वर्ल्ड म्यूजियम डे पर जयपुर के संग्रहालयों और स्मारकों में उमड़ी भीड़
- DSS Admin
- May 18, 2026


जयपुर, 18 मई (हि.स.)। वर्ल्ड म्यूजियम डे के अवसर पर प्रदेशभर के संग्रहालयों और ऐतिहासिक स्मारकों में सैलानियों की भारी भीड़ उमड़ी। इस मौके पर पर्यटकों के लिए प्रवेश निशुल्क रखा गया। राजधानी जयपुर के अल्बर्ट हॉल संग्रहालय, जंतर मंतर, हवा महल, आमेर महल और नाहरगढ़ फोर्ट सहित प्रमुख पर्यटन स्थलों पर सैलानियों का पारंपरिक राजस्थानी अंदाज में तिलक लगाकर और माला पहनाकर स्वागत किया गया।
अल्बर्ट हॉल संग्रहालय में “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र रही। प्रदर्शनी में सोमनाथ मंदिर के प्राचीन वैभव, बार-बार हुए आक्रमण, स्वतंत्रता के बाद सरदार वल्लभभाई पटेल के नेतृत्व में हुए जीर्णोद्धार और सांस्कृतिक पुनर्जागरण को चित्रों के माध्यम से दर्शाया गया।
उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी ने अल्बर्ट हॉल पहुंचकर प्रदर्शनी का अवलोकन किया और संग्रहालय में प्रस्तावित विश्वस्तरीय विकास कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि अल्बर्ट हॉल में आधुनिक तकनीक आधारित 18 नई दीर्घाएं विकसित की जाएंगी। संग्रहालय में एलईडी स्क्रीन, एआई आधारित जानकारी, मिस्र की ममी के लिए विशेष गैलरी, सिक्का दीर्घा में मैग्नीफाइंग ग्लास तथा म्यूजिकल गैलरी में वाद्य यंत्रों की ध्वनि सुनाने वाला सॉफ्टवेयर लगाया जाएगा। साथ ही पॉटरी गैलरी में डिजिटल माध्यम से डिजाइन तैयार करने की सुविधा भी विकसित की जाएगी।
दीया कुमारी ने बताया कि राज्य सरकार ने अल्बर्ट हॉल के आधुनिकीकरण के लिए करीब 26 करोड़ रुपए की योजना तैयार की है। इसके तहत लाइट एंड साउंड शो को और अधिक भव्य बनाया जाएगा, वहीं कैफेटेरिया और सॉविनियर शॉप जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि राजस्थानी कला, संस्कृति और धरोहर संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए आधुनिक तकनीक का समावेश किया जाएगा।
इस दौरान उप मुख्यमंत्री ने नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत की अपील का उल्लेख करते हुए पब्लिक ट्रांसपोर्ट के अधिक उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने स्वयं ईवी वाहन उपयोग करने और सरकारी काफिलों में वाहनों की संख्या कम करने की बात भी कही।
पुरातत्व विभाग के निदेशक डॉ. पंकज धरेंद्र ने बताया कि वर्ल्ड म्यूजियम डे पर पर्यटन स्थलों पर शहनाई वादन, कालबेलिया नृत्य, लोकगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। जंतर मंतर में ज्योतिषाचार्यों ने पर्यटकों को विभिन्न यंत्रों की जानकारी दी, वहीं कलाकारों ने लोक संगीत प्रस्तुत कर माहौल को जीवंत बना दिया।
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