राजस्थान मॉडल की श्रेष्ठ योजनाएं उत्तराखंड में लागू करने पर होगा विचार
- DSS Admin
- Jun 29, 2026
-जयपुर में सामाजिक कल्याण योजनाओं का अध्ययन, दिव्यांग गृह का भी किया निरीक्षण
जयपुर/देहरादून, 29 जून (हि.स.)। उत्तराखंड के समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, छात्र कल्याण एवं भाषा मंत्री खजान दास ने राजस्थान सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का अध्ययन कर उनकी सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को उत्तराखंड में लागू करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं।
राजस्थान के चार दिवसीय अध्ययन भ्रमण के तहत सोमवार को मंत्री खजान दास ने उत्तराखंड शासन के अपर सचिव समाज कल्याण प्रकाश चन्द्र और अन्य अधिकारियों के साथ जयपुर स्थित अंबेडकर भवन में राजस्थान सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत और विभागीय वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की।
बैठक में राजस्थान सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया। इसमें मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना, विमुक्त, घुमंतू एवं अर्द्धघुमंतू समुदायों के लिए संचालित योजनाएं और राजस्थान अनुसूचित जाति-जनजाति वित्त एवं विकास सहकारी निगम लिमिटेड की विभिन्न योजनाओं और कार्यप्रणाली की जानकारी दी गई।
प्रस्तुतीकरण के बाद मंत्री खजान दास ने अधिकारियों को इन योजनाओं का अध्ययन कर उत्तराखंड में उनकी उपयोगिता का आकलन करने और उपयुक्त योजनाओं को राज्य में लागू करने की संभावनाओं पर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
इसके बाद मंत्री खजान दास और राजस्थान के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने जयपुर के जामडोली स्थित राजकीय बौद्धिक दिव्यांग गृह का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां दिव्यांगजनों के लिए उपलब्ध आवासीय, चिकित्सा, भोजन एवं मनोरंजन संबंधी सुविधाओं का अवलोकन कर व्यवस्थाओं की सराहना की।
मंत्री ने जामडोली स्थित'अपना घर आश्रम'में निवासरत महिलाओं को श्री अन्न प्रसाद वितरित किया और एकीकृत परिसर में स्थापित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस लाइब्रेरी का भी निरीक्षण किया। उन्होंने परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
भ्रमण दल में अपर सचिव समाज कल्याण प्रकाश चन्द्र, उप निदेशक समाज कल्याण बासुदेव आर्य, अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के सचिव गोरधन सिंह, जनसंपर्क अधिकारी टीकम सिंह रावत, दीपेश सिलोड़ी सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे। अध्ययन भ्रमण के दौरान राजस्थान सरकार के अधिकारियों ने उत्तराखंड के प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया और दोनों राज्यों के बीच सामाजिक कल्याण योजनाओं के अनुभवों के आदान-प्रदान पर बल दिया।

