बारुईपुर नाबालिग दुष्कर्म-हत्या मामले में बशीरहाट से चौथा आरोपित गिरफ्तार
- DSS Admin
- Jul 08, 2026
कोलकाता, 08 जुलाई (हि.स.)। दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में 12 वर्षीय नाबालिग बच्ची की दुष्कर्म और हत्या मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) को एक और बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मामले के चौथे आरोपित कबीर मोल्ला को उत्तर 24 परगना जिले के बशीरहाट से गिरफ्तार किया है। वारदात के बाद से वह फरार चल रहा था।
पुलिस के अनुसार, नाबालिग का शव रविवार को बारुईपुर के सूर्यपुर इलाके के एक तालाब से बरामद होने के बाद मामले की जांच तेज कर दी गई थी। इसके बाद अब तक चार आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
इससे पहले गिरफ्तार किए गए आरोपित प्रभास मंडल की बुधवार तड़के पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई थी। पुलिस का दावा है कि घटनास्थल पर अपराध का पुनर्निर्माण कराने के दौरान उसने एक पुलिसकर्मी की सर्विस राइफल छीनकर भागने की कोशिश की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में वह घायल हुआ और बाद में उसकी मौत हो गई।
मामले के अन्य दो आरोपित दिवाकर सरदार और आनंद सरदार पुलिस हिरासत में हैं। पुलिस के अनुसार, आनंद सरदार इस पूरे मामले का मुख्य आरोपित और कथित साजिशकर्ता है।
गिरफ्तार किए गए कबीर मोल्ला को बुधवार को दक्षिण 24 परगना की अदालत में पेश किया जाएगा। सरकारी पक्ष उसकी पुलिस हिरासत की मांग करेगा ताकि उससे पूछताछ कर मामले के अन्य पहलुओं का पता लगाया जा सके।
इस बीच, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी मंगलवार को बारुईपुर पहुंचे और जिला पुलिस कार्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक के बाद उन्होंने कहा कि इस मामले में पुलिस और प्रशासन ने 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि नाबालिग का शव मिलने के बाद रविवार को विरोध-प्रदर्शन की आड़ में हुई हिंसा, पुलिस पर हमले और सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ की भी अलग से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि वीडियो फुटेज के आधार पर कई लोगों की पहचान कर ली गई है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस के अनुसार, मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद हिंसा और तोड़फोड़ के मामले में अब तक 20 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
गौरतलब है कि रविवार को नाबालिग का शव मिलने के बाद इलाके में भारी तनाव फैल गया था। इसी दौरान भीड़ ने 26 वर्षीय इंद्रजीत तांती की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। बाद में पुलिस जांच में सामने आया कि इंद्रजीत तांती का इस अपराध से कोई संबंध नहीं था और वह निर्दोष था। मुख्यमंत्री ने भी मंगलवार को इसकी पुष्टि की थी।
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