सीएम का निर्देश- फलता हिंसा मामले में आरोपिताें पर राजद्रोह संबंधित धारा लगाएं

कोलकाता, 17 जून (हि.स.)। पश्चिम बंगाल में दक्षिण 24 परगना जिले के फलता में हुए हिंसक घटनाक्रम को लेकर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने पुलिस को निर्देश दिया है कि मामले में शामिल सभी आरोपितों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के तहत राजद्रोह से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया जाए। साथ ही चेतावनी दी कि राज्य में किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

मंगलवार को गिरफ्तार तृणमूल नेता जहांगीर खान की रिहाई की मांग को लेकर कुछ लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया था। आरोप है कि जहांगीर खान की पत्नी के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने थाने का घेराव करने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस और केंद्रीय बलों की तत्परता से स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया।

बुधवार को फलता में आयोजित जनकल्याण शिविर में पहुंचे मुख्यमंत्री ने इस घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने टीवी पर देखा कि एक माफिया की पत्नी के नेतृत्व में कुछ लोग पुलिस और अर्धसैनिक बलों पर हमला करने का प्रयास कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसी भी प्रकार की गुंडागर्दी या उग्र गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया है कि घटना के वीडियो में दिखाई देने वाले सभी लोगों की पहचान कर उन्हें कानून के दायरे में लाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी आरोपित को बख्शा नहीं जाएगा।

शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि फलता में कानून का शासन स्थापित हो चुका है और राज्य सरकार का उद्देश्य हर हाल में कानून व्यवस्था बनाए रखना है। उन्होंने स्थानीय लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा कि चाहे कोई कितना भी बड़ा माफिया या प्रभावशाली व्यक्ति क्यों न हो, सरकार उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी चेतावनी दी कि हमले में शामिल लोगों की संपत्तियां जब्त कर नीलाम की जाएंगी। उन्होंने कहा कि दोषियों को ऐसी सजा दी जाएगी जिससे भविष्य में कोई भी पुलिसकर्मी, सरकारी कर्मचारी या अर्धसैनिक बलों पर हमला करने का साहस न कर सके। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार कानून के शासन से किसी प्रकार का समझौता नहीं करेगी। ----------------

   

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