कोलकाता, 30 जून (हि. स.)। पश्चिम बंगाल में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह से सक्रिय हो गया है, जिसके प्रभाव से राज्य के अधिकांश हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। अलीपुर स्थित मौसम क्षेत्रीय कार्यालय के अनुसार, उत्तर बंगाल के जिलों में जहां मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रहेगा, वहीं दक्षिण बंगाल के जिलों में भी वज्रपात के साथ तेज आंधी-तूफान और भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर बंगाल के पांच जिलों—दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार और कूचबिहार में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान अत्यधिक भारी बारिश होने की आशंका है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही इस बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है, जिससे प्रशासन को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही मालदा, उत्तर और दक्षिण दिनाजपुर में भी गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।
दूसरी ओर, दक्षिण बंगाल के जिलों में भी मानसून की सक्रियता के कारण मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। राजधानी कोलकाता सहित हावड़ा, हुगली, उत्तर व दक्षिण 24 परगना, पूर्व व पश्चिम मेदिनीपुर, झाड़ग्राम, पुरुलिया, बांकुड़ा और बीरभूम जिलों में आसमान में काले बादलों की आवाजाही बनी हुई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इन क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और वज्रपात होने की अत्यधिक संभावना है। लगातार हो रही इस बारिश से जहां तापमान में गिरावट आई है और लोगों को भीषण गर्मी व उमस से राहत मिली है, वहीं निचले इलाकों में जलजमाव की स्थिति पैदा होने की आशंका को देखते हुए नगर निगमों और आपदा प्रबंधन विभाग को अलर्ट पर रखा गया है।
---------------

