बारिश में जंगली मशरूम खाना पड़ा भारी, एक ही परिवार के नाै लोग हुए बीमार
- DSS Admin
- Jul 06, 2026
वाड्रफनगर के स्याही गांव में भोजन के कुछ देर बाद बिगड़ी तबीयत, तीन बच्चे भी अस्पताल में भर्ती; डॉक्टरों ने जारी की चेतावनी
बलरामपुर, 06 जुलाई (हि.स.)। बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर विकासखंड में बारिश के मौसम में जंगली मशरूम का सेवन एक परिवार के लिए मुसीबत बन गया। ग्राम पंचायत स्याही में जंगल से लाकर बनाए गए पुटु (खुखड़ी) की सब्जी खाने के बाद एक ही परिवार के नौ लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। प्रभावित लोगों में तीन बच्चे भी शामिल हैं। सभी को तत्काल सिविल अस्पताल वाड्रफनगर में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार चल रहा है।
परिजनों के अनुसार, परिवार के सदस्य जंगल से पुटु लेकर आए थे। घर में इसकी सब्जी तैयार कर सभी ने भोजन किया। आज सोमवार को भोजन के कुछ समय बाद ही परिवार के सदस्यों को उल्टी, पेट में तेज दर्द, घबराहट और बेचैनी की शिकायत होने लगी। एक साथ कई लोगों की तबीयत बिगड़ने से परिजन घबरा गए और तत्काल सभी को अस्पताल पहुंचाया।
अस्पताल पहुंचते ही चिकित्सकों ने सभी मरीजों का इलाज शुरू किया। प्राथमिक उपचार के बाद मरीजों को निगरानी में रखा गया। समय पर चिकित्सा सुविधा मिलने के कारण सभी की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है और किसी की स्थिति गंभीर नहीं है।
वाड्रफनगर के खंड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) डॉ. हेमंत दीक्षित ने बताया कि वर्षा ऋतु में जंगलों में उगने वाले जंगली मशरूम की कई प्रजातियां जहरीली होती हैं। सामान्य व्यक्ति के लिए सुरक्षित और विषैले मशरूम की पहचान करना आसान नहीं होता। ऐसे में केवल देखने के आधार पर किसी भी जंगली मशरूम का सेवन करना खतरनाक साबित हो सकता है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि जंगलों से लाए गए पुटु या अन्य जंगली खाद्य पदार्थों का सेवन बिना पूरी जानकारी के न करें। यदि किसी खाद्य पदार्थ के सेवन के बाद उल्टी, पेट दर्द, चक्कर या अन्य असामान्य लक्षण दिखाई दें तो तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचकर इलाज कराएं। स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों से बारिश के मौसम में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
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