भीषण गर्मी के बीच बदला मौसम, चूरू में ओले गिरे, कई शहरों में बारिश
- DSS Admin
- May 13, 2026
जयपुर, 13 मई (हि.स.)। राजस्थान में भीषण गर्मी के बीच बुधवार को मौसम ने अचानक करवट ली। प्रदेश के आधा दर्जन शहरों में दोपहर बाद आंधी और बारिश का दौर देखने को मिला, जबकि चूरू में ओलावृष्टि भी हुई। हालांकि मौसम में आए इस बदलाव के बावजूद प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भीषण गर्मी और हीटवेव का असर जारी रहा।
बुधवार को सीकर, बाड़मेर, बीकानेर और चूरू सहित कई जिलों में तेज आंधी के साथ बारिश दर्ज की गई। वहीं प्रदेश के पांच शहरों में अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। फलौदी प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान करीब 47 डिग्री और न्यूनतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भीषण गर्मी के कारण जनजीवन प्रभावित रहा। दोपहर के समय सड़कों पर आवाजाही कम नजर आई और लोग तेज धूप तथा गर्म हवाओं से बचने के लिए घरों में रहने को मजबूर दिखे।
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि वर्तमान में राज्य के दक्षिण-पश्चिमी और पूर्वी भागों में अधिकतम तापमान 45 से 48 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है। पिछले 24 घंटों में सर्वाधिक तापमान बाड़मेर में 48.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। उन्होंने बताया कि आगामी दिनों में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में विशेष परिवर्तन की संभावना नहीं है। जोधपुर और बीकानेर संभाग के कई क्षेत्रों में अगले चार से पांच दिनों तक तीव्र हीटवेव और ऊष्णरात्रि की स्थिति बनी रह सकती है। वहीं दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में भी तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने और कहीं-कहीं हीटवेव का असर जारी रहने की संभावना है।
मौसम विभाग ने आगामी 48 घंटों के दौरान बीकानेर संभाग, शेखावाटी क्षेत्र, जयपुर और भरतपुर संभाग के उत्तरी इलाकों में कहीं-कहीं मेघगर्जन, 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी और हल्की बूंदाबांदी की संभावना जताई है। राजधानी जयपुर में दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि रात के तापमान में गिरावट देखने को मिली। जयपुर का अधिकतम तापमान करीब 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इस बीच बुधवार को बीकानेर से सीकर और जयपुर तक एक सक्रिय तूफानी पट्टी गुजरने से मौसम में तेजी से बदलाव आया। इसका सबसे अधिक प्रभाव बीकानेर संभाग, शेखावाटी क्षेत्र, जयपुर के आसपास और नागौर क्षेत्र में देखने को मिला। मौसम विभाग के अनुसार इस दौरान मात्र डेढ़ घंटे में 2572 बार बिजली कड़कने की घटनाएं दर्ज की गईं।
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