योग जीवनदान, रोगों का निदान है योग: जोशी

जोधपुर, 19 जून (हि.स.)। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर शहर में विभिन्न स्थानों पर योग कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जहां बड़ी संख्या में लोग योग के माध्यम से स्वस्थ जीवन की जानकारी प्राप्त करेंगे। वहीं जो लोग इन कार्यक्रमों में शामिल नहीं हो पाएंगे, वे घर पर ही सरल योग क्रियाओं को अपनाकर स्वास्थ्य लाभ ले सकते हैं। यह बात महामंदिर निवासी योग गुरु, फिटनेस ट्रेनर, नाड़ी वैद्य एवं आयुर्वेद विशेषज्ञ अरविंद जोशी ने योग दिवस के उपलक्ष में कही।

अरविंद जोशी ने बताया कि उन्हें योग की शिक्षा पारिवारिक विरासत के रूप में मिली है और उनका परिवार पांच पीढिय़ों से योग साधना से जुड़ा हुआ है। वे वर्षों से स्कूलों और गांवों में निशुल्क योग प्रशिक्षण देकर योग का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि योग का लाभ तभी मिलता है जब इसे सही एवं प्राचीन पद्धति से किया जाए। उन्होंने बताया कि अनुलोम-विलोम, कपालभाति, भस्त्रिका, भ्रामरी, शीतली, उज्जायी जैसे प्राणायाम शरीर और मन को संतुलित रखते हैं। वहीं ध्यान, सहज योग, त्राटक, हठयोग, शांभवी और समाधि जैसी योग विधियां मानसिक शांति एवं आत्मिक विकास में सहायक हैं।

उन्होंने कहा कि जिन लोगों को नींद की समस्या है, वे शवासन का नियमित अभ्यास करें, इससे शरीर को गहरा आराम मिलता है और नींद की गुणवत्ता में सुधार होता है। योग गुरु ने विभिन्न आसनों के लाभ भी बताए। उनके अनुसार धनुरासन आंखों की रोशनी बढ़ाने तथा जोड़ों के दर्द में लाभकारी है। गोमुखासन पाचन तंत्र को मजबूत करने में सहायक माना जाता है।

गरुड़ासन शरीर में ऊर्जा और एकाग्रता बढ़ाता है, जबकि हलासन रीढ़ एवं कंधों के दर्द में राहत देता है। सर्वांगासन रक्त संचार को बेहतर बनाकर शरीर को सशक्त करता है। पवनमुक्तासन गैस, पाचन संबंधी समस्याओं एवं शरीर की शुद्धि में उपयोगी है। मालासन महिलाओं की कई स्वास्थ्य समस्याओं तथा साइटिका जैसी परेशानियों में लाभदायक माना जाता है। वहीं वज्रासन भोजन के पाचन में सहायक होकर गैस और अम्लता की समस्या को कम करता है। अरविंद जोशी ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक समग्र पद्धति है। योग मन, बुद्धि और आत्मा को परमात्मा से जोडऩे का माध्यम है। संयमित जीवन, संतुलित खान-पान, इंद्रियों पर नियंत्रण और सकारात्मक सोच ही योग का वास्तविक स्वरूप है। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास से शरीर स्वस्थ, मन शांत, बुद्धि विकसित और जीवन ऊर्जावान बनता है। योग व्यक्ति को रोगों से मुक्ति दिलाने के साथ-साथ आत्मिक उन्नति की दिशा में भी अग्रसर करता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि योग को केवल एक दिवस तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।

   

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