अमृतसर से फरार-ईशान-उत्तराखंड में गिरफ्तार:नानी के घर रह रहा था, रूस से लौटा था, पिता बोले- हमें नहीं पता पिस्तौल कहां से आई

उत्तराखंड में गिरफ्तार किए गए अमृतसर के 19 वर्षीय ईशान के मामले में उसके परिवार ने कई अहम खुलासे किए हैं। ईशान के पिता जगजीत सिंह ने बताया कि उन्हें बेटे की गिरफ्तारी की जानकारी परसों ही मिली थी। जगजीत ने बताया कि 23 मई को हमारे घर पर छापा पड़ा था, जिसके दौरान घर से 12 पिस्तौल बरामद हुई थीं। छापेमारी के दौरान वह घर पर ही था, लेकिन बाद में छत से कूदकर फरार हो गया था। हमें भी उसकी गिरफ्तारी के बाद पता चला कि वह उत्तराखंड में अपनी नानी के पास रह रहा था। पिता ने आंखें भरते हुए कहा, 'हमारा घर ही उजड़ गया है। आज घर में खाने के लिए भी पर्याप्त सामग्री तक नहीं है। हालांकि परिवार का दावा है कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि ईशान के पास पिस्तौल कैसे पहुंची। मजदूरी और नौकरी से चलता है घर जगजीत सिंह ने कहा कि उनका बेटा इतना बड़ा कदम खुद नहीं उठा सकता और संभव है कि किसी ने उसे बहकाकर इस रास्ते पर धकेला हो। उन्होंने बताया कि वह स्वयं एक सीमेंट की दुकान पर मजदूरी करते हैं, जबकि उनकी पत्नी एक अस्पताल में नौकरी करती हैं। दोनों सुबह काम पर चले जाते थे और देर शाम घर लौटते थे। और आजकल मेरी तबीयत ठीक न होने के कारण मेरी पत्नी ही अस्पताल में पानी पिलाने का कार्य करती है। विदेश से लौटने के बाद बदली जिंदगी परिवार के अनुसार, ईशान ने बारहवीं तक पढ़ाई की थी। इसके बाद वह रोजगार की तलाश में रूस गया था। बेटे को विदेश भेजने के लिए परिवार ने करीब सात लाख रुपये खर्च किए थे। इसके लिए उन्होंने वर्षों की बचत लगाने के साथ-साथ ब्याज पर पैसे लिए और यहां तक कि अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉली भी बेच दी। लेकिन विदेश भेजने वाले एजेंट ने कथित तौर पर उनके साथ धोखा किया और ईशान महज 13 से 14 दिन बाद वापस लौट आया। पिता का मानना है कि इस घटना का गहरा असर ईशान के मन पर पड़ा और संभवतः वह गलत संगत में पड़ गया। उन्होंने कहा कि बेटे से परिवार को बहुत उम्मीदें थीं, लेकिन अब सारी उम्मीदें टूट चुकी हैं। जगदीश सिंह ने भावुक होते हुए कहा कि अब उनके हिस्से में सिर्फ दुख और आंसू ही बचे हैं।

   

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