गुरुद्वारों में 'योगशाला' कक्षाओं पर सिख नेता ने जताई आपत्ति:तत्काल रोक लगाने के लिए श्री अकाल तख्त साहिब को सौंपा मांग पत्र

गुरुद्वारों में चल रही ‘योगशाला’ योगा कक्षाओं को लेकर पंजाब में एक नया विवाद सामने आया है। इस मुद्दे पर फरीदकोट के सिख युवा नेता गुरसेवक सिंह भाना आज अपने साथियों के साथ श्री अकाल तख्त साहिब पहुंचे और वहां सचिवालय में एक मांग पत्र सौंपा। उन्होंने गुरु घरों में चल रही योगा कक्षाओं पर आपत्ति जताते हुए इन्हें तत्काल बंद करने की मांग की। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पंजाब सरकार की ओर से चलाए जा रहे ‘योगशाला’ प्रोजेक्ट के तहत कई स्थानों पर गुरुद्वारा साहिब के परिसर और लंगर हॉलों में योगा कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। इस पर आपत्ति जताते हुए गुरसेवक सिंह भाना ने कहा कि यह गतिविधि सिख मर्यादा और गुरुद्वारों की पवित्रता के अनुरूप नहीं है। योग को धार्मिक स्थलों के बजाय अन्य जगह कराने की मांग उन्होंने यह भी कहा कि योगा एक अलग शारीरिक और मानसिक अभ्यास है, जिसे गुरुद्वारों के बजाय पार्कों, सामुदायिक केंद्रों या अन्य सार्वजनिक स्थानों पर आयोजित किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि धार्मिक स्थलों की मर्यादा को बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है और इस तरह की गतिविधियों से संगत में असंतोष पैदा हो रहा है। सचिवालय में मांग पत्र और अकाल तख्त से हस्तक्षेप की अपील इस दौरान वे पहले श्री हरिमंदिर साहिब में नतमस्तक हुए और उसके बाद अकाल तख्त साहिब के सचिवालय पहुंचे। उन्होंने मांग की कि अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार द्वारा इस विषय पर स्पष्ट आदेश या हुक्मनामा जारी किया जाए, ताकि गुरुद्वारों में चल रही योगा कक्षाओं पर रोक लग सके। इस पूरे मामले ने सिख समुदाय में चर्चा को जन्म दे दिया है और अब सभी की नजरें अकाल तख्त साहिब के संभावित निर्णय पर टिकी हुई हैं।

   

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