SGPC अध्यक्ष धामी ने इस्तीफे की अफवाहों को खारिज किया:श्री अकाल तख्त सचिवालय पहुंचकर दी सफाई, कहा- सिख संस्थाओं की मर्यादा का सम्मान

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने श्री अकाल तख्त साहिब से जुड़ी एक समिति से अपने कथित इस्तीफे को लेकर चल रही चर्चाओं पर स्पष्टीकरण दिया है। उन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय में जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज और तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी टेक सिंह से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि उनके इस्तीफे को लेकर फैलाई जा रही अफवाहें गलत हैं और स्थिति स्पष्ट करने की आवश्यकता है। बैठक में धार्मिक और संगठनात्मक मुद्दों पर भी चर्चा हुई। सभी पक्षों ने शांति और पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया। प्रशासनिक कारणों के चलते निर्णय लिया यह मामला शिरोमणि अकाली दल की भर्ती से जुड़ी सात सदस्यीय समिति के गठन से संबंधित है। जानकारी के अनुसार, 2 दिसंबर 2024 को भर्ती प्रक्रिया के लिए इस समिति का गठन किया गया था, जिसमें एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी का नाम भी शामिल था। हालांकि, धामी ने बाद में स्पष्ट किया कि उस समय उन्होंने व्यक्तिगत और प्रशासनिक कारणों के चलते स्वयं को इस समिति से अलग करने का निर्णय लिया था। नाम इस समिति से वापस लेने का अनुरोध किया धामी ने बताया कि उन्होंने तत्कालीन जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह को एक लिखित पत्र भेजकर अपना नाम इस समिति से वापस लेने का अनुरोध किया था। धामी के अनुसार, उनका यह निर्णय पूरी तरह से परिस्थितियों और उस समय की स्थिति को ध्यान में रखकर लिया गया था। इसमें किसी प्रकार का विवाद या गलत मंशा शामिल नहीं थी। सिख संस्थाओं की मर्यादा व सिद्धांतों का सम्मान अब जब यह मामला फिर से चर्चा में आया, तो उन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब के वर्तमान जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज को अपना पक्ष स्पष्ट रूप से प्रस्तुत किया है। उनका कहना है कि वे हमेशा सिख संस्थाओं की मर्यादा व सिद्धांतों का सम्मान करते रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे।

   

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