बठिंडा में सफाई कर्मचारियों का धरना आठवें दिन जारी:अकुशल कर्मचारियों को पक्का करने की मांग पर बाजारों में रोष मार्च

अपनी मांगों को लेकर अड़े सफाई कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन आठवें दिन भी जारी रहा। नियमित किए जाने की मांग को लेकर नगर निगम कार्यालय के बाहर धरना दे रहे कर्मचारियों ने आज बाजारों में रोष मार्च निकालकर सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सफाई कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष माली और सीवरेज कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष रवि कुमार ने बताया कि वे कई वर्षों से नगर निगम में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक अधिकारी हर बैठक में उन्हें 'जल्द पक्का करने' का केवल खोखला आश्वासन देते हैं, लेकिन धरातल पर अब तक किसी भी अकुशल कर्मचारी को नियमित नहीं किया गया है। 8 दिनों से प्रशासन की चुप्पी पर रोष यूनियन नेताओं ने कहा कि पिछले आठ दिनों से वे नगर निगम कार्यालय के बाहर शांतिपूर्ण धरना दे रहे हैं, लेकिन किसी भी बड़े अधिकारी ने उनकी सुध नहीं ली है। उनकी जायज मांगों की अनदेखी की जा रही है, जिससे कर्मचारियों में भारी निराशा और गुस्सा व्याप्त है। कचरे के ढेर में बदला बठिंडा शहर इस हड़ताल का सीधा असर शहर की सफाई व्यवस्था पर पड़ा है। पिछले एक हफ्ते से सफाई न होने के कारण बठिंडा की मुख्य सड़कों, गलियों और बाजारों में कचरे के अंबार लग गए हैं। जगह-जगह गंदगी जमा होने से स्थानीय निवासियों का जीना मुहाल हो गया है और शहर में संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। सड़कों को जाम करने की तीखी चेतावनी आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि आने वाले दिनों में उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो वे अपने संघर्ष को और उग्र करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि जल्द ही वे अपने परिवारों सहित सड़कों पर उतरेंगे और मुख्य मार्गों को जाम कर देंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। नगर निगम का पक्ष: मंत्री के साथ चर्चा जारी नगर निगम के अधिकारी संदीप कटारिया ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कर्मचारियों के साथ कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं। उन्होंने दावा किया कि कुछ छोटी समस्याओं का समाधान मौके पर ही कर दिया गया है। मुख्य मांगों के संबंध में पंजाब के विभागीय मंत्री के साथ चर्चा चल रही है और जल्द ही कोई समाधान निकाल लिया जाएगा। निवासियों की बढ़ती मुश्किलें एक तरफ कर्मचारी अपनी मांगों पर डटे हैं, तो दूसरी तरफ आम जनता कचरे और बदबू से परेशान है। शहरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि इस गतिरोध को जल्द से जल्द समाप्त किया जाए ताकि शहर को गंदगी से राहत मिल सके।

   

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