फरीदकोट में कंक्रीट से बनाया रजवाहा फिर टूटा:60-70 एकड़ फसल में भरा पानी; किसान बोले-घटिया सामग्री से हुआ निर्माण

फरीदकोट जिले के कोटकपूरा में कुछ माह पहले कंक्रीट से बनाया रजवाहा बार बार टूट रहा है। शुक्रवार रात भी गांव ठाड़ा के पास यह रजवाहा टूटने से करीब 60 से 70 एकड़ खेतों में पानी भर गया, जिससे किसानों की सब्जियों और धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। हैरानी की बात यह है कि दिन के समय रजवाहा टूट गया था, जिसकी ठेकेदार द्वारा मरम्मत करवाई गई थी। हालांकि रात को आए तेज आंधी-तूफान के दौरान पेड़ गिरने से रजवाहा दोबारा टूट गया और पानी तेजी से खेतों में फैल गया। किसानों का आरोप है कि अभी तक नहरी विभाग द्वारा रजवाहे की पानी सप्लाई बंद नहीं की गई है। इसके कारण पानी खेतों में भर रहा है। किसानों ने आशंका जताई है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो पानी गांव में भी प्रवेश कर सकता है। 6-7 स्थानों से टूट चुका है रजवाहा किसानों का कहना है कि इस रजवाहे का कुछ माह पहले ही कंक्रीट से निर्माण किया गया था, लेकिन घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल के कारण महज कुछ दिनों में यह अब तक छह-सात स्थानों से टूट चुका है। इस वजह से नहरी विभाग के अधिकारी भी सवालों के घेरे में हैं। बता दें कि रजवाहे के निर्माण में अनियमितता को लेकर विपक्षी पार्टी कांग्रेस व अकाली दल भी सत्ताधारी पार्टी पर सवाल उठा चुके है और उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रहे है। किसानों का आरोप-हालात का जायजा लेने नहीं आया कोई अफसर इस संबंध में गांव ठाड़ा के किसान जसकरण सिंह, जगजीत सिंह और अन्य किसानों ने बताया कि रजवाहे के निर्माण के दौरान घटिया सामग्री का उपयोग किया गया था। किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी समस्या सुनने और हालात का जायजा लेने के लिए अभी तक कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। उन्होंने मांग की कि रजवाहे की तुरंत मरम्मत कर पानी की सप्लाई बंद की जाए तथा प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द उचित मुआवजा दिया जाए।

   

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